Dharmendra Pradhan speaks in Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित ‘आत्मनिर्भर महिला सम्मान कार्यक्रम’ में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने महिलाओं से संवाद किया और उनके द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की मेहनत, प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि देश की नारी शक्ति आज कौशल, नवाचार और आत्मनिर्भरता के बल पर नई पहचान बना रही है।
महिलाओं की सफलता को बताया प्रेरणादायक
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाएं स्वरोजगार के साथ शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम कर रही हैं।
शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर
धर्मेंद्र प्रधान ने उन महिलाओं की सराहना की जो उच्च शिक्षा, पीएचडी और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से अपने भविष्य को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा और कौशल के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए नए प्रयास किए जाएंगे। इस दिशा में IGNOU और प्रबंधन संस्थानों को भी जोड़ने की योजना पर काम किया जाएगा, ताकि महिलाओं को बेहतर अवसर मिल सकें।
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नवाचार और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल
केंद्रीय मंत्री ने मंदिरों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों के पुनः उपयोग से तैयार किए जा रहे उत्पादों को रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को एक साथ बढ़ावा देती हैं। साथ ही गोवर्धन योजना जैसी योजनाओं को भी आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से जोड़कर देखा।
विकसित भारत में नारी शक्ति की अहम भूमिका
अपने संबोधन में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने भोपाल को स्वच्छ, सुंदर और आत्मनिर्भर शहर बनाने में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नारी शक्ति देश की प्रगति, समृद्धि और सामाजिक परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है।