विजय हजारे ट्रॉफी में ध्रुव जुरेल का नाम इस वक्त हर क्रिकेट फैन की जुबान पर है। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा बल्लेबाज ने बड़ौदा के खिलाफ ऐसी पारी खेली, जिसने मैच की दिशा और दशा दोनों बदल दी। यूपी को जब स्थिर पारी की जरूरत थी, तब जुरेल ने आक्रामकता को अपना हथियार बनाया। नंबर तीन पर उतरते ही उन्होंने साफ कर दिया कि आज सिर्फ रन नहीं, रिकॉर्ड टूटेंगे। हर गेंद पर इरादा साफ दिखा और शुरुआती ओवरों में ही चौके-छक्कों की बरसात शुरू हो गई। गेंदबाज समझ ही नहीं पाए कि आखिर किस लाइन पर गेंद डालें।
रोहित शर्मा स्टाइल में छक्कों की बारिश
ध्रुव जुरेल की बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और आक्रामकता का अनोखा मेल दिखा। उन्होंने 78 गेंदों में शतक पूरा किया और इसके बाद और खतरनाक हो गए। 100 से 150 रन का सफर सिर्फ 19 गेंदों में तय कर लिया। रसिख सलाम और राज लिंबानी जैसे गेंदबाजों की एक नहीं चली। हर ओवर में बाउंड्री निकल रही थी और स्टेडियम में बैठे दर्शक भी हैरान थे। 101 गेंदों पर नाबाद 160 रन, 8 छक्के और 15 चौके ये आंकड़े नहीं, बल्कि एक युवा बल्लेबाज की दहाड़ थे, जिसने विरोधियों के हौसले तोड़ दिए।
रिंकू सिंह का साथ और यूपी का विशाल स्कोर
यह पारी सिर्फ व्यक्तिगत प्रदर्शन नहीं थी। कप्तान रिंकू सिंह ने दूसरे छोर से अहम अर्धशतक जड़कर जुरेल का पूरा साथ दिया। अभिषेक गोस्वामी और प्रशांत वीर ने भी तेजी से रन जोड़े। नतीजा यह रहा कि उत्तर प्रदेश ने 50 ओवर में 7 विकेट पर 369 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। बड़ौदा के गेंदबाज थक चुके थे और फील्डर्स के चेहरे बता रहे थे कि यह स्कोर सिर्फ बोर्ड पर नहीं, बल्कि दिमाग पर भी भारी पड़ चुका है।
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संयोग नहीं, लगातार फॉर्म का नतीजा
ध्रुव जुरेल का यह धमाका अचानक नहीं आया है। विजय हजारे ट्रॉफी में इससे पहले उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ 80 और चंडीगढ़ के खिलाफ 67 रन बनाए थे। यह उनका लगातार तीसरा फिफ्टी प्लस स्कोर और लिस्ट ए करियर का पहला शतक है। भारत की वनडे टीम में चुने जाने के बावजूद खेलने का मौका न मिलना शायद उनके अंदर की भूख को और बढ़ा गया। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने वाला यह बल्लेबाज अब वैभव सूर्यवंशी के साथ आने वाले समय की बड़ी कहानी बनता दिख रहा है। इस पारी के बाद ध्रुव जुरेल को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा, क्योंकि भारतीय क्रिकेट को एक और खतरनाक मैच विनर मिल चुका है।