विजय हजारे ट्रॉफी के इस सीजन में उत्तर प्रदेश की बल्लेबाजी का सबसे खतरनाक चेहरा बनकर ध्रुव जुरेल सामने आए। बड़ोदा के खिलाफ तीसरे नंबर पर उतरते ही उन्होंने मैच का रुख पलट दिया। जुरेल ने सिर्फ 78 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और आखिर तक नाबाद रहते हुए 160 रन की विस्फोटक पारी खेली। 101 गेंदों में खेली गई इस पारी में उन्होंने 8 छक्के और 16 चौके लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 158 से ज्यादा रहा, जिसने बड़ोदा के गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह तोड़ दी। यह जुरेल का लिस्ट ए करियर का पहला शतक रहा, जो यादगार भी बन गया।
रिंकू सिंह की कप्तानी में संतुलन
ध्रुव जुरेल के साथ कप्तान रिंकू सिंह ने भी जिम्मेदारी भरी पारी खेली। रिंकू ने 63 रन बनाकर पारी को मजबूती दी और जुरेल को खुलकर खेलने का मौका दिया। दोनों के बीच साझेदारी ने यूपी को बड़े स्कोर की ओर बढ़ाया। रिंकू का अनुभव और शांत कप्तानी साफ नजर आई। उन्होंने दबाव के पलों में रन गति को थामे रखा और फिर आखिरी ओवरों में तेजी दिलाई। यह पारी एक बार फिर बताती है कि रिंकू सिर्फ फिनिशर नहीं, बल्कि मैच को पढ़ने वाले कप्तान भी हैं।
ओपनर्स और निचले क्रम का योगदान
यूपी की इस बड़ी पारी में सिर्फ जुरेल और रिंकू ही नहीं, बल्कि बाकी बल्लेबाजों का भी अहम योगदान रहा। ओपनर अभिषेक गोस्वामी ने 51 गेंदों पर 51 रन बनाकर तेज शुरुआत दी। निचले क्रम में प्रशांत वीर ने 23 गेंदों पर 35 रन ठोक दिए, जिसमें 2 छक्के और 3 चौके शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 150 से ऊपर रहा। इन पारियों की बदौलत यूपी ने पूरे 50 ओवर खेलते हुए 7 विकेट पर 369 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
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बड़ोदा के गेंदबाजों की मुश्किल
इतने बड़े स्कोर के सामने बड़ोदा के गेंदबाज लगातार दबाव में दिखे। राज लिम्बानी ने जरूर संघर्ष दिखाया और 10 ओवर में 74 रन देकर 4 विकेट लिए। आर्यन चावला को 2 सफलता मिली, लेकिन बाकी गेंदबाज लय में नहीं दिखे। कप्तान क्रुणाल पंड्या ने 10 ओवर में 64 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। रसिक सलाम भी सिर्फ एक विकेट ले सके। यूपी के 369 रन के जवाब में बड़ोदा को 370 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य मिला, जिसने मुकाबले को एकतरफा बना दिया।