CBI Investigation On Neet Paper Leak: नीट यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने अदालत में 94 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। सीबीआई के मुताबिक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के तीन सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स पीवी कुलकर्णी, मनीषा मंधारे और मनीषा हवलदार ने मिलाकर पेपर लीक किया था। आरोप है कि एक्सपर्ट्स ने मॉडरेशन के दौरान पर्चियों पर सवाल लिखे और NCERT के पैराग्राफ मार्क किए।
होटल के कमरों में दोबारा तैयार किया पेपर
सीबीआई ने चार्जशीट में बताया कि एक्सपर्ट्स ने मॉडरेशन के दौरान कागज की छोटी-छोटी पर्चियों पर सवाल और NCERT किताबों के पैराग्राफ लिखें और आसान सवालों को एक्सपर्ट्स ने दिमाग में याद कर लिया। इसके बाद शाम को होटल के कमरों में लौटकर पूरा पेपर दोबारा तैयार किया।
'तीन दिनों में 135 सवाल...'
आरोपी पी.वी कुलकर्णी ने 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच तीन दिनों में 135 सवालों के बैक-ट्रांसलेशन के जरिए तीन सेट तैयार किए। चार्जशीट में कहा गया है, "एनटीए के कॉन्फिडेंशियल सेक्शन में आने-जाने के दौरान एक्सपर्ट्स की चेकिंग या तलाशी लेने का कोई नियम नहीं था, जिसका आरोपियों ने फायदा उठाया।
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बिचौलियों के जरिए आगे बेचा गया
सीबीआई का कहना है कि यह तरीका इसलिए अपनाया गया ताकि असली क्वेश्चन पेपर का कोई सीधा सुराग न मिले। होटल में दोबारा तैयार किया गया पेपर परीक्षा से पहले बिचौलियों के जरिए आगे बेचा गया। सीबीआई के अनुसार इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य मकसद पैसे कमाना और कुछ खास उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाना था। फिलहाल यह सभी आरोप सीबीआई की चार्जशीट का हिस्सा है और अदालत में इनकी न्यायिक जांच होना बाकी है।