मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका असर अब भारत में भी दिखने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इंडस्ट्रियल डीजल यानी एचएसडी की कीमत में बड़ा इजाफा कर दिया है।
सीधे 28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी
ताजा बदलाव के तहत इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत में 28.22 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद इसकी कीमत 109.59 रुपये से बढ़कर 137.81 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यानी करीब 25 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है, जो उद्योगों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
आम ग्राहकों को फिलहाल राहत
राहत की बात यह है कि आम पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि निजी कंपनियां जैसे नायरा एनर्जी और शेल अपने नुकसान की भरपाई के लिए 3 से 25 रुपये तक कीमतें बढ़ा चुकी हैं, जिससे कुछ जगहों पर असर दिखने लगा है।
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फर्नेस ऑयल भी हुआ महंगा
केवल डीजल ही नहीं, बल्कि फर्नेस ऑयल यानी एफओ की कीमत में भी 23.77 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। यह ईंधन उद्योगों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है और इसकी कीमत बढ़ने से स्टील, सीमेंट और अन्य भारी उद्योगों की लागत बढ़ जाएगी।
उद्योगों से आम लोगों तक पहुंचेगा असर
इंडस्ट्रियल डीजल और फर्नेस ऑयल का इस्तेमाल फैक्ट्रियों, पावर प्लांट्स, बॉयलर्स और बड़े जहाजों में होता है। जब इनकी लागत बढ़ती है तो कंपनियां अपने उत्पादों की कीमतें भी बढ़ा देती हैं। इसका सीधा असर बाजार में मिलने वाली रोजमर्रा की चीजों पर पड़ता है, जिससे आम लोगों का खर्च बढ़ सकता है।
महंगाई की नई लहर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में महंगाई और तेज हो सकती है। अभी भले ही आम डीजल की कीमत स्थिर है, लेकिन उद्योगों पर बढ़ा दबाव जल्द ही आम जनता तक पहुंच सकता है।