Divyanshi Chaudhary : एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय खेल जगत में नया विवाद सामने आ गया है। वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने टीम चयन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके आरोपों के बाद खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों के बीच इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मामला एशियन गेम्स जैसी बड़ी प्रतियोगिता से जुड़ा होने के कारण इसे काफी गंभीर माना जा रहा है।
ट्रायल में मिली थी जगह
दिव्यांशी चौधरी राजस्थान के कोटा की रहने वाली हैं। उन्होंने एशियन गेम्स के लिए हुए चयन ट्रायल में शानदार प्रदर्शन किया था। महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में उन्होंने जीत हासिल कर टीम में जगह बनाई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अनुभवी खिलाड़ी रोशीबिना देवी को भी ट्रायल में हराया था। इसके बाद उनका चयन लगभग तय माना जा रहा था और वह प्रतियोगिता की तैयारी में जुटी हुई थीं।
अचानक बदला फैसला
दिव्यांशी के अनुसार एशियन गेम्स के लिए रवाना होने से पहले उन्हें बताया गया कि वह अब टीम का हिस्सा नहीं रहेंगी। यह जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पटियाला स्थित राष्ट्रीय खेल संस्थान से एक वीडियो जारी किया। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उनके साथ अन्याय हुआ है और उनका हक छीन लिया गया है। उन्होंने चयन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल भी उठाए।
वीडियो से बढ़ा बवाल
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दिव्यांशी काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने मानसिक दबाव और निराशा की बात कही। वीडियो वायरल होने के बाद खेल जगत में इस मामले को लेकर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की, जबकि कुछ लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही। देखते ही देखते यह मुद्दा राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया।
संघ ने क्या कहा
भारतीय वुशु संघ ने इस मामले में अलग पक्ष रखा है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि दिव्यांशी के घुटने में चोट थी और मेडिकल रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक फिटनेस को ध्यान में रखते हुए टीम में बदलाव किया गया। उनका कहना है कि यह फैसला नियमों और उपलब्ध मेडिकल जानकारी के आधार पर लिया गया है।
इसे भी पढ़ें : BRICS समिट में जिनपिंग के स्वागत को लेकर उठे सवाल, एयरपोर्ट क्यों नहीं पहुंचे PM Modi? जानिए पूरा प्रोटोकॉल
सबकी नजर आगे
फिलहाल इस विवाद पर अंतिम स्थिति साफ नहीं है। एक तरफ दिव्यांशी अपने साथ नाइंसाफी का आरोप लगा रही हैं, वहीं दूसरी ओर खेल अधिकारी अपने फैसले को सही बता रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित खेल संस्थाएं और अधिकारी आगे क्या कदम उठाते हैं। एशियन गेम्स से ठीक पहले सामने आया यह मामला भारतीय खेल जगत में बड़ा सवाल खड़ा कर गया है।