Diwali Flight Ticket Prices : दिवाली और दूसरे त्योहारों के दौरान अपने घर जाने वाले यात्रियों को इस बार हवाई टिकटों के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। आमतौर पर त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग को देखते हुए एयरलाइंस अपनी उड़ानों और सीटों की संख्या बढ़ाती हैं, लेकिन इस साल प्रमुख कंपनियों ने अपनी क्षमता में कटौती की है। सीटों की उपलब्धता कम होने और यात्रियों की मांग बढ़ने से किरायों पर दबाव बढ़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ घरेलू रूटों पर त्योहारों के दौरान हवाई किराया 70 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
इंडिगो और एयर इंडिया ने घटाईं सीटें
एविएशन एनालिटिक्स फर्म OAG के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में इंडिगो के पास लगभग 1.31 करोड़ सीटें उपलब्ध थीं। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.2 प्रतिशत कम है, यानी करीब 28,600 सीटों की कमी। एयरलाइन की क्षमता अगस्त में 1.17 करोड़ सीटों से घटकर सितंबर में 1.13 करोड़ सीटें रह गई थी। दूसरी ओर, एयर इंडिया के पास अक्टूबर में लगभग 33 लाख सीटें थीं, जो पिछले साल के मुकाबले 12.6 प्रतिशत कम हैं। इसका मतलब है कि करीब 4.78 लाख सीटें कम उपलब्ध रहीं। एयर इंडिया अपने परिचालन को दोबारा व्यवस्थित करने की प्रक्रिया से भी गुजर रही है।
स्पाइसजेट की कटौती अकासा की बढ़त
सीटों में कटौती सिर्फ दो बड़ी एयरलाइंस तक सीमित नहीं रही। रिपोर्ट के अनुसार, स्पाइसजेट ने अपनी क्षमता में 38.8 प्रतिशत यानी करीब 2.41 लाख सीटों की कमी की। इसके विपरीत, अकासा एयर ऐसी प्रमुख एयरलाइन रही जिसने अपनी क्षमता में 35.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की। विमानन कंपनियों के फैसलों के पीछे महंगे जेट फ्यूल, भू-राजनीतिक चुनौतियां और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी जैसे कारण बताए जा रहे हैं। ईंधन की बढ़ती लागत का असर कम करने के लिए इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज में भी बदलाव किया था।
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दिल्ली मुंबई रूट पर सबसे ज्यादा सीटें
घरेलू हवाई यात्रा में मुंबई-दिल्ली मार्ग सबसे व्यस्त बना हुआ है। इस रूट पर अक्टूबर में लगभग 6.82 लाख सीटें उपलब्ध थीं, जो पिछले साल से 7 प्रतिशत अधिक हैं। बेंगलुरु-दिल्ली मार्ग दूसरे स्थान पर रहा, जहां करीब 4.75 लाख सीटें उपलब्ध थीं। यह आंकड़ा अक्टूबर 2025 की तुलना में 1 प्रतिशत कम है। वहीं, कोलकाता-दिल्ली रूट पर सीटों की संख्या 13 प्रतिशत बढ़कर लगभग 3.25 लाख हो गई। हालांकि, किसी रूट पर सीटों की संख्या बढ़ने के बावजूद त्योहारों के दौरान मांग अधिक रहने पर टिकट महंगे हो सकते हैं।
हवाई किराए पर सरकार की नजर
हवाई किरायों में बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत नियम तैयार कर लिए गए हैं और उन्हें दो सप्ताह के भीतर प्रकाशित किया जाएगा। अदालत ने केंद्र को 16 नवंबर की अगली सुनवाई में प्रकाशित नियम पेश करने का निर्देश दिया है। इससे पहले जुलाई में कोर्ट ने प्रस्तावित नियम सीलबंद लिफाफे में जमा करने और हवाई किरायों को तर्कसंगत बनाने की दिशा में कदम उठाने को कहा था। अब यात्रियों की नजर इस बात पर रहेगी कि नए नियमों से किरायों की निगरानी और पारदर्शिता में क्या बदलाव आते हैं।