बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार में कई नए चेहरों को मौका मिला लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा शिवहर से विधायक श्वेता गुप्ता की हो रही है। पहली बार मंत्री बनीं श्वेता गुप्ता ने राजनीतिक गलियारों में अचानक बड़ी पहचान बना ली है। पटना के गांधी मैदान में हुए शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह भी मौजूद रहे।
डॉक्टर से मंत्री बनने तक
श्वेता गुप्ता पेशे से डॉक्टर हैं और मूल रूप से सीतामढ़ी की रहने वाली हैं। उन्होंने मेडिकल में पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है। राजनीति में आने से पहले वह सामाजिक और चिकित्सा क्षेत्र में सक्रिय थीं। बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और जेडीयू के साथ जुड़ गईं। इससे पहले उनका संबंध भाजपा से भी बताया जाता रहा है।
चुनाव में दर्ज की बड़ी जीत
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में श्वेता गुप्ता ने शिवहर सीट से बड़ी जीत हासिल की थी। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार नवनीत कुमार को 31 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था। इस जीत ने उन्हें अचानक राज्य राजनीति का बड़ा चेहरा बना दिया। इससे पहले इस सीट पर चेतन आनंद चुनाव लड़ते रहे थे लेकिन जेडीयू ने इस बार श्वेता गुप्ता पर दांव खेला।
संपत्ति और प्रोफाइल चर्चा में
44 साल की श्वेता गुप्ता की संपत्ति भी काफी चर्चा में है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनके पास करीब 28 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें 6 करोड़ से ज्यादा चल संपत्ति और 21 करोड़ से ज्यादा अचल संपत्ति शामिल है। उन पर करीब 4 करोड़ रुपये की देनदारी भी है। खास बात यह है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
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निशांत कुमार के साथ चर्चा
इस बार कैबिनेट विस्तार में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को भी मंत्री बनाया गया है। ऐसे में श्वेता गुप्ता और निशांत कुमार दोनों नए चेहरों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। जेडीयू के भीतर भी माना जा रहा है कि पार्टी अब नए और पढ़े-लिखे चेहरों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
कई दलों को मिला प्रतिनिधित्व
कैबिनेट विस्तार में जेडीयू और भाजपा के अलावा सहयोगी दलों को भी जगह दी गई है। लोजपा आर से संजय सिंह और संजय पासवान को मंत्री बनाया गया है। जीतन राम मांझी की पार्टी से संतोष सुमन और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को भी मौका मिला है। लेकिन इन सबके बीच श्वेता गुप्ता का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में बना हुआ है। अब सबकी नजर उनके मंत्री पद पर कामकाज पर टिकी रहेगी।