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Two voter ID cards: बिहार में चुनाव से पहले चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़ा मामला सामने आया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के नाम पर दो-दो वोटर आईडी कार्ड दर्ज पाए गए हैं। चुनाव आयोग ने इस पर दोनों नेताओं से सफाई मांगी है। इसके बाद आम लोगों में भी यह सवाल उठने लगा है कि कहीं उनके नाम पर भी डुप्लीकेट वोटर कार्ड तो नहीं बन गए। अच्छी बात यह है कि इसे घर बैठे आसानी से जांचा जा सकता है।
ऑनलाइन ऐसे करें वोटर लिस्ट में नाम की जांच
अगर आपको शक है कि आपके नाम पर दो वोटर आईडी मौजूद हैं, तो राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (https://voters.eci.gov.in/) या वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए चेक करें। इसके लिए “सर्च इन इलेक्ट्रोरल रोल” ऑप्शन चुनें और अपना नाम, पिता या पति का नाम, जन्मतिथि और राज्य की जानकारी दर्ज करें। सर्च करने पर स्क्रीन पर आपके नाम से जुड़ी सभी एंट्री सामने आ जाएंगी। अगर एक से ज्यादा रिकॉर्ड मिलते हैं, तो तुरंत अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर डुप्लीकेट एंट्री हटवाएं।
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कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए करें यह काम
दो वोटर कार्ड रखना कानूनन अपराध है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और 1951 के तहत जानबूझकर दो कार्ड बनवाने पर छह महीने से एक साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। अगर यह गलती अनजाने में हुई है, तब भी तुरंत एक कार्ड कैंसिल करवाना जरूरी है, ताकि रिकॉर्ड सही रहे और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। चुनाव आयोग ऐसे मामलों में डुप्लीकेट हटाने के साथ पुलिस एफआईआर तक का निर्देश दे सकता है।