
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की एक बड़ी सफलता की घोषणा की है. रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत ने स्वदेशी रूप से विकसित मिलिट्री कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम (MCPS) के जरिए 32,000 फीट की ऊंचाई से कॉम्बैट फ्री-फॉल जंप हासिल कर इतिहास रच दिया है. इसके साथ ही उन्होंने इस उपलब्धि को देश की रक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है.
“देश के लिए गर्व का क्षण!”
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि “देश के लिए गर्व का क्षण! DRDO द्वारा विकसित MCPS सिस्टम ने भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.” यह जंप भारतीय वायुसेना के टेस्ट जंपर्स द्वारा किया गया, जिससे इस सिस्टम की दक्षता, विश्वसनीयता और उन्नत डिजाइन सिद्ध हो गई. इस उपलब्धि के साथ, MCPS अब ऐसा एकमात्र भारतीय पैराशूट सिस्टम बन गया है, जिसे 25,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर तैनात किया जा सकता है.
दो DRDO लैब्स का संयुक्त प्रयास
यह पैराशूट सिस्टम DRDO की दो प्रमुख प्रयोगशालाओं एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADREE), आगरा और डिफेंस बायोइंजीनियरिंग एंड इलेक्ट्रोमेडिकल लेबोरेटरी (DEBEL), बेंगलुरु द्वारा तैयार किया गया है. इन दोनों प्रयोगशालाओं ने मिलकर इस हाई-टेक पैराशूट सिस्टम को तैयार किया है, जो कि कठिन मौसम और ऊंचाई की परिस्थितियों में भी स्थिरता बनाए रख सकता है.
MCPS की खासियतें
MCPS में कई उन्नत सामरिक विशेषताओं को शामिल किया गया है, जैसे कि कम उतरने की दर और बेहतर स्टीयरिंग क्षमता. इसकी मदद से पैराट्रूपर्स सुरक्षित रूप से विमान से बाहर निकल सकते हैं और निर्धारित ऊंचाई पर पैराशूट खोल सकते हैं. इसके साथ ही सटीक दिशा में उड़ान भर सकते हैं और निर्दिष्ट क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से उतर सकते हैं. यह सिस्टम भारतीय नेविगेशन प्रणाली ‘NavIC’ से भी संगत है, जिससे सैनिकों को दुश्मन देशों या बाहरी एजेंसियों द्वारा सिग्नल इंटरफेरेंस या सेवा बाधित होने के जोखिम से सुरक्षा मिल जाती है.
इसे भी पढ़ें : Javed Habib की बढ़ी मुश्किलें, Sambhal पुलिस ने जारी किया लुकआउट नोटिस, करोंड़ों की ठगी का है पूरा मामला
भारतीय वायुसेना ने ऐतिहासिक जंप को दिया अंजाम
इस ऐतिहासिक जंप को विंग कमांडर विशाल लाखेश (वीएम-जी), मास्टर वारंट ऑफिसर आर. जे. सिंह और मास्टर वारंट ऑफिसर विवेक तिवारी ने अंजाम दिया है. उन्होंने 32,000 फीट की ऊंचाई से पैराशूट जंप कर दिखाया कि स्वदेशी तकनीक अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के बराबर खड़ी है. MCPS की सफलता से भारतीय सेना को अब विदेशी पैराशूट सिस्टम पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इससे उपकरणों की सर्विसिंग और मेंटेनेंस में लगने वाला समय भी घटेगा. इसके साथ ही युद्ध या आपातकालीन स्थितियों में यह सिस्टम भारतीय सैनिकों को अधिक सुरक्षा और स्वतंत्रता प्रदान करेगा. यह उपलब्धि न केवल DRDO की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है, बल्कि भारत के रक्षा आत्मनिर्भरता मिशन को भी नई उड़ान देती है. राजनाथ सिंह ने कहा कि “यह सिर्फ एक तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना का प्रतीक है.”