Drugs Under Guise Of Flowers: तेलंगाना के संगारेड्डी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मंदिर में पूजा कराने वाला पुजारी ही नशे के कारोबार में लिप्त निकला। नारायणखेड़ मंडल के पंचगाम गांव स्थित एक मंदिर परिसर में गेंदे के फूलों के बीच गांजे की खेती की जा रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर DTF संगारेड्डी एक्साइज टीम ने छापेमारी कर आरोपी पुजारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जब्त किए गए गांजे और अन्य सामान की अनुमानित कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है।
खुद को बताता था आध्यात्मिक गुरु
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 48 वर्षीय अवुती नागैया के रूप में हुई है, जो उसी गांव के मंदिर में पुजारी के तौर पर काम करता था। वह खुद को आध्यात्मिक गुरु बताकर लोगों का भरोसा जीतता था। पुलिस के मुताबिक, इसी पहचान की आड़ में वह लंबे समय से अवैध गतिविधियां चला रहा था और किसी को शक नहीं हुआ।
गेंदे के पौधों के बीच उगाया गांजा
जांच में सामने आया है कि मंदिर परिसर में फूलों की खेती के नाम पर गांजे के पौधे लगाए गए थे। गेंदे के पौधों के बीच गांजा उगाया गया ताकि बाहर से देखने पर किसी को संदेह न हो। आरोपी इन्हें तैयार होने के बाद सुखाकर पैकेट में भरता और चोरी-छिपे सप्लाई करता था।
छापेमारी में क्या-क्या हुआ बरामद
एक्साइज टीम ने मौके से 685 गांजे के पौधे, 17.741 किलोग्राम सूखा गांजा, 0.897 किलोग्राम गांजे के बीज, 30 हजार रुपये नकद, एक डिजिटल वजन मशीन और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। सभी सामान को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जांच जारी
अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गांजा किन इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था। मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी है और मंदिर की आड़ में चल रहे इस अवैध धंधे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।