सप्ताह की शुरुआत अनिल अंबानी के लिए बेहद मुश्किल रही, क्योंकि ED के ताबड़तोड़ एक्शन का असर उनके दो बड़े शेयरों पर सीधा दिखा। रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर खुलते ही गिरावट में चले गए। रिलायंस इंफ्रा में 5% का लोअर सर्किट लग गया, जबकि रिलायंस पावर भी लगभग इतनी ही गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया। सेंसेक्स-निफ्टी पहले से कमजोर थे, और ऐसे में इन दोनों मल्टीबैगर शेयरों की हालत और भी खराब दिखी। खास बात यह है कि पिछले छह महीनों में इन दोनों शेयरों ने निवेशकों को भारी नुकसान दिया है।
ED की कार्रवाई ने बढ़ाई चिंता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनिल अंबानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट की वजह SECI बैंक गारंटी मामले में ED द्वारा दायर पूरक अभियोजन शिकायत है। यह शिकायत रिलायंस न्यू बेस लिमिटेड, रोजा पावर सप्लाई कंपनी लिमिटेड और कुछ अन्य थर्ड पार्टी के खिलाफ दर्ज की गई है। इस खबर के बाद बाजार में RInfra ने 52-वीक का नया लो बना लिया। रिलायंस पावर भी गिरकर करीब 35 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि कंपनी का दावा है कि वे ईमानदारी से काम कर रही हैं और खुद थर्ड पार्टी की धोखाधड़ी की शिकार हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि ED की कार्रवाई से कंपनी के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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6 महीने में मल्टीबैगर शेयरों की हालत खराब
रिलायंस इंफ्रा के शेयर सोमवार को 150 रुपये पर खुले, लेकिन भारी उतार-चढ़ाव के बाद सीधे 146.97 रुपये पर पहुंच गए। वहीं रिलायंस पावर 5% की गिरावट के साथ 35.75 रुपये के आसपास ट्रेड करता देखा गया। लगातार गिरावट के चलते रिलायंस पावर का मार्केट कैप भी घटकर 14,820 करोड़ रुपये तक रह गया। पिछले छह महीनों में इस शेयर ने 45% से अधिक का निगेटिव रिटर्न दिया है। दूसरी ओर रिलायंस इंफ्रा का भी हाल कुछ ऐसा ही रहा, और निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
मल्टीबैगर स्टेटस के बावजूद क्यों डगमगाए शेयर?
अनिल अंबानी की ये दोनों कंपनियां कभी मल्टीबैगर स्टॉक मानी जाती थीं। दोनों ही अपने लाइफटाइम हाई से 99% तक गिरने के बाद वापस खड़ी हुई थीं। उदाहरण के तौर पर रिलायंस पावर ने पांच साल में 3.95 रुपये से बढ़कर 35 रुपये के पार जाकर निवेशकों का पैसा नौ गुना कर दिया। वहीं रिलायंस इंफ्रा ने भी पांच साल में 411% रिटर्न दिया। लेकिन अब ED एक्शन, मामले की जांच और बाजार की कमजोरी ने शेयरों पर दबाव बढ़ा दिया है। निवेशकों में डर साफ झलक रहा है कि क्या यह गिरावट और गहराएगी, या शेयर फिर वापसी करेंगे यह आने वाला समय ही बताएगा।