ED intensifies crackdown: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ED ने भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और संगठित अपराध के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। राज्य में अलग-अलग मामलों में छापेमारी, संपत्ति अटैचमेंट और समन जारी करने जैसी कार्रवाई तेज हो गई है। इन कार्रवाइयों में राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों के नाम सामने आ रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया है।
IPAC और हवाला नेटवर्क पर शिकंजा
हाल ही में ED ने IPAC से जुड़े ठिकानों पर देशभर में छापेमारी की। जांच में ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो मनी लॉन्ड्रिंग और अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि चुनावी गतिविधियों के नाम पर कहीं अवैध फंडिंग तो नहीं हो रही थी।
पार्थ चटर्जी पर कार्रवाई
पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। SSC और शिक्षक भर्ती घोटालों को लेकर उनके ठिकानों पर छापेमारी की गई है। इससे पहले भी उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है और अब कई मामलों में उनकी भूमिका की जांच जारी है।
जमीन घोटालों में खुलासे
कोलकाता के कुख्यात आरोपी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू के ठिकानों से नकदी, सोना और हथियार बरामद हुए हैं। इसके अलावा जमीन कब्जा और फर्जी दस्तावेजों के जरिए रियल एस्टेट घोटाले के मामले में भी कई लोगों पर कार्रवाई हुई है। कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है और जांच जारी है।
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कोयला घोटाले में बड़ा एक्शन
PDS राशन घोटाले में गरीबों के अनाज को बाजार में बेचने का मामला सामने आया है, जिसमें कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। मेडिकल एडमिशन घोटाले में करोड़ों के लेनदेन की जांच हो रही है। वहीं अवैध खनन से जुड़े Coal Scam West Bengal में 650 करोड़ रुपये की उगाही का खुलासा हुआ है।
बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि ED चुनाव से पहले बड़े स्तर पर जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और खुलासे व गिरफ्तारियां हो सकती हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और तेज होने की संभावना है।