Electricity Bill Relief: उत्तर प्रदेश सरकार ने एक दिसंबर से बिजली बिल राहत योजना की शुरुआत कर दी है, जिसका लाभ लाखों उपभोक्ताओं को मिलेगा। इस योजना के तहत घरेलू और छोटे व्यापारी वर्ग को बकाया बिजली बिलों पर 100 प्रतिशत तक ब्याज माफी का फायदा दिया जाएगा। योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को केवल 2,000 रुपये जमा कर पंजीकरण कराना होगा। सरकार और बिजली निगम की टीमें जगह-जगह कैंप लगाकर लोगों को इस योजना की जानकारी दे रही हैं, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता इसका लाभ ले सकें। अधिकारियों के अनुसार यह पहली बार है जब प्रदेश में इतनी बड़ी ब्याज छूट दी जा रही है, जिससे सामान्य वर्ग और छोटे व्यवसायियों को बड़ी राहत मिलेगी।
कौन ले सकेगा योजना का लाभ?
यह योजना मुख्य रूप से एलएमवी-1 श्रेणी के घरेलू उपभोक्ताओं (दो किलोवाट तक) और एलएमवी-2 श्रेणी के छोटे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं (एक किलोवाट तक) को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। पंजीकरण के बाद उपभोक्ता एकमुश्त भुगतान का विकल्प चुनते हैं तो उन्हें बकाया मूलधन पर भी 25 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलेगी। यह सुविधा 1 दिसंबर 2024 से 31 दिसंबर 2025 तक उपलब्ध रहेगी। 33 केवी उपकेंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाकर विद्युत विभाग उपभोक्ताओं को योजना की प्रक्रिया और उपलब्ध रियायतों के बारे में जानकारी दे रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह राहत योजनाएं बिजली बिलों का बोझ कम करने के लिए बेहद कारगर साबित होंगी।
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14 जिलों के 17 लाख उपभोक्ताओं को फायदा
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले 14 जिलों में लगभग 17 लाख उपभोक्ता इस योजना से लाभान्वित हो सकते हैं। निगम के एमडी रवीश गुप्ता ने अधिकारियों को व्यापक प्रचार-प्रसार करने, मुनादी कराने और 'विद्युत सखियों' के माध्यम से घर-घर जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को राहत देना और बकाया वसूली को सरल बनाना है। विभाग का कहना है कि योजना पारदर्शी, सरल और उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है, इसलिए समय पर पंजीकरण कराना बेहद जरूरी है।