Epstein Files: अमेरिका में जारी की गई चर्चित एपस्टीन फाइल्स में तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का नाम सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। दस्तावेजों में उनका नाम 169 बार दर्ज होने का दावा किया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और धार्मिक हलकों तक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। धर्मशाला में भी इस खबर को लेकर सुबह से ही चर्चाएं तेज रहीं।
क्यों बढ़ा विवाद
एपस्टीन फाइल्स अमेरिकी न्याय विभाग से जुड़े वे दस्तावेज हैं, जिनमें दिवंगत कारोबारी जेफरी एपस्टीन से जुड़े संपर्कों और उल्लेखों का ब्यौरा है। इन फाइल्स में कई वैश्विक हस्तियों के नाम दर्ज हैं। दलाई लामा का नाम बार-बार सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या उनका एपस्टीन से कोई सीधा संबंध था।
दलाई लामा की ओर से साफ इनकार
विवाद बढ़ने पर दलाई लामा के कार्यालय ने तुरंत प्रेस नोट जारी किया। इसमें स्पष्ट कहा गया कि दलाई लामा की कभी जेफरी एपस्टीन से मुलाकात नहीं हुई और न ही उन्होंने किसी प्रतिनिधि को इस तरह के संपर्क की अनुमति दी। यह बयान धर्मशाला स्थित थेकचेन छोलिंग से जारी हुआ और आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भी साझा किया गया।
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169 बार नाम आने की वजह क्या बताई गई
कार्यालय के अनुसार, फाइल्स में नाम का बार-बार आना किसी मुलाकात या संबंध का प्रमाण नहीं है। कुछ ईमेल्स और दस्तावेजों में कथित तौर पर 2012 के एक कार्यक्रम का उल्लेख किया गया है, लेकिन किसी प्रत्यक्ष मुलाकात, फोटो या वित्तीय लेन-देन का कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है।
अफवाह और तथ्य में फर्क
विशेषज्ञों का कहना है कि एपस्टीन फाइल्स में कई नाम सिर्फ संदर्भ या उल्लेख के तौर पर दर्ज हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि संबंधित व्यक्ति का कोई आपराधिक या निजी संबंध रहा हो। दलाई लामा के अनुयायियों का भी कहना है कि करुणा और अहिंसा के प्रतीक रहे धर्मगुरु को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें तथ्यहीन हैं और समय के साथ सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी।