कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) योजना से जुड़े लाखों कर्मचारियों के लिए सरकार ने संसद में बड़ा अपडेट दिया है। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ESIC योजना के लिए 21,000 रुपये की मौजूदा मासिक वेतन सीमा बढ़ाने का सरकार का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक इस संबंध में नई अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक वर्तमान नियम ही लागू रहेंगे।
कब हुआ था आखिरी बदलाव?
ESIC योजना के तहत वेतन सीमा में आखिरी संशोधन वर्ष 2017 में किया गया था। उस समय इसे 15,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये प्रति माह किया गया था। वहीं दिव्यांग कर्मचारियों के लिए यह सीमा 25,000 रुपये प्रति माह निर्धारित है। सरकार ने यह भी बताया कि कर्मचारी और नियोक्ता के योगदान की मौजूदा दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। फिलहाल नियोक्ता 3.25 प्रतिशत और कर्मचारी 0.75 प्रतिशत का योगदान करते हैं।
क्या है कर्मचारियों की मांग?
बढ़ती महंगाई और निजी अस्पतालों में इलाज की बढ़ती लागत को देखते हुए कई ट्रेड यूनियन और उद्योग संगठनों ने ESIC की वेतन सीमा बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि वेतन बढ़ने के कारण कई कर्मचारी 21,000 रुपये की सीमा पार कर योजना के दायरे से बाहर हो जाते हैं, जिससे उन्हें सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता। इसी वजह से वे सीमा को बढ़ाकर 25,000 से 30,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं।
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किन्हें मिलता है लाभ?
ESIC योजना का लाभ उन कर्मचारियों को मिलता है जिनकी मासिक आय 21,000 रुपये या उससे कम है। दिव्यांग कर्मचारियों के लिए यह सीमा 25,000 रुपये है। योजना के तहत कर्मचारियों और उनके आश्रितों को ESIC अस्पतालों में मुफ्त ओपीडी, दवाइयां, जांच, सर्जरी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। गंभीर बीमारी की स्थिति में ESIC से मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है।
फिलहाल नियमों में बदलाव नहीं
संसद में सरकार के जवाब से साफ हो गया है कि फिलहाल ESIC की वेतन सीमा बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। ऐसे में मौजूदा पात्रता मानदंड और योगदान व्यवस्था पहले की तरह ही जारी रहेगी। यदि भविष्य में सरकार इस संबंध में कोई निर्णय लेती है, तो उसके लिए अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी।