Lieutenant Mehak Bhati: गणतंत्र दिवस परेड में जब देश की नई ‘सूर्यास्त’ मिसाइल राजपथ पर प्रदर्शित हुई, तो उसकी कमान मेरठ की लेफ्टिनेंट महक भाटी के हाथों में थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलामी देने वाली महक ने न सिर्फ परेड में नेतृत्व किया, बल्कि मेरठ और पूरे देश का नाम रोशन किया। राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने के बावजूद उन्होंने सेना को अपना जीवन मार्ग चुना और अपनी काबिलियत से यह जिम्मेदारी हासिल की।
आर्टिलरी रेजिमेंट
लेफ्टिनेंट महक भाटी भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात हैं। वर्ष 2024 में कमीशन मिलने के बाद उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें सूर्यास्त मिसाइल के प्रदर्शन का कंटींजेंट कमांडर चुना गया। इससे पहले वह आर्मी डे के अवसर पर जयपुर में भी इसी मिसाइल के प्रदर्शन का नेतृत्व कर चुकी हैं।
राजनीतिक परिवार
महक का परिवार राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता गौरव भाटी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी सक्रिय राजनीति में रहे हैं। इसके बावजूद महक ने अपने लिए अलग रास्ता चुना और देशसेवा को प्राथमिकता दी। उनका कहना है कि सेना में जाना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है।
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बचपन से देशभक्ति
महक को सेना में जाने की प्रेरणा अपने चाचा से मिली, जो आर्म्ड रेजिमेंट से लेफ्टिनेंट कर्नल पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बचपन में सुनी सैनिकों की वीरता की कहानियों ने उनके मन में वर्दी पहनने का सपना जगा दिया, जिसे उन्होंने मेहनत से साकार किया।
परिवार को गर्व
महक का छोटा भाई शौर्य भाटी भी एनडीए में चयनित होकर प्रशिक्षण ले रहा है। महक का कहना है कि यदि मौका मिला तो वह देश के लिए और बड़ा योगदान देना चाहेंगी। परिवार का पूरा सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।