Only 5 days left: देश के नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही SIR फॉर्म भरने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। 4 नवंबर से शुरू हुई यह प्रक्रिया 11 दिसंबर को समाप्त हो जाएगी और अब इसे भरने के लिए केवल पांच दिन बचे हैं। चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक, SIR फॉर्म न भरने पर किसी तरह का जुर्माना या सजा तो नहीं है, लेकिन इसका सबसे बड़ा नुकसान यह होगा कि आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित समय पर एन्युमरेशन फॉर्म जमा नहीं करता है, तो उसे आने वाले लोकसभा, विधानसभा, नगर निकाय या पंचायत चुनावों में वोट देने का अधिकार नहीं मिल पाएगा। यह न सिर्फ मताधिकार पर असर डालेगा बल्कि कई सरकारी योजनाओं के लाभ भी प्रभावित हो सकते हैं।
SIR फॉर्म क्यों है जरूरी?
चुनाव आयोग के अनुसार, जिन लोगों का नाम पिछली SIR वोटर लिस्ट में पहले से मौजूद है या जिनके माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का नाम रजिस्टर में दर्ज है, उन्हें SIR फॉर्म भरना अनिवार्य है। यूपी में 2003 और पश्चिम बंगाल में 2002 की लिस्ट के आधार पर नामों का मिलान किया जा रहा है। BLO घर-घर फॉर्म देने के लिए आते हैं, लेकिन यदि किसी कारण फॉर्म नहीं मिलता, तो लोग voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। फॉर्म समय पर न भरने पर 16 दिसंबर को जारी होने वाली ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं आएगा। यदि किसी जानकारी में सुधार करना है, तो चुनाव आयोग ने Form 8 का विकल्प भी उपलब्ध कराया है।
ड्राफ्ट लिस्ट में नाम न होने पर क्या करें?
यदि 11 दिसंबर के बाद SIR फॉर्म भरने में चूक हुई या आपके परिवार का नाम पुराने SIR रिकॉर्ड में नहीं है, तो भी चिंता की जरूरत नहीं है। आप दावा-आपत्ति अवधि के दौरान जनवरी 2026 तक अपनी पात्रता साबित कर सकते हैं। इसके लिए ECI पोर्टल पर उपलब्ध Form 6 भरना होगा, जिसमें आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र या पुराना वोटर कार्ड जैसे दस्तावेज लगते हैं। यदि ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद फॉर्म जमा किया जाता है, तो सुनवाई के लिए निर्वाचन अधिकारी के सामने उपस्थित होना जरूरी होगा। सत्यापन पूरा होने पर आपका नाम अंतिम मतदाता सूची में जोड़ा जा सकता है और नया EPIC कार्ड जारी किया जाएगा। साथ ही, 16 दिसंबर के बाद विशेष कैंप लगाकर भी मतदाताओं की सहायता की जाएगी।