आजकल सड़कों पर ट्रैफिक नियम तोड़ते ही मोबाइल पर ई-चालान का मैसेज आ जाता है। सिग्नल जंप या ओवरस्पीड जैसी गलती तुरंत रिकॉर्ड हो जाती है। इसी डिजिटल सिस्टम का फायदा अब साइबर ठग उठा रहे हैं। वे नकली चालान के नाम पर लोगों को मैसेज भेजकर जाल में फंसा रहे हैं।
कैसे भेजा जाता है फर्जी मैसेज
लोगों को ऐसा मैसेज मिलता है जिसमें लिखा होता है कि उनके वाहन पर चालान बकाया है। साथ में चेतावनी दी जाती है कि तुरंत भुगतान नहीं किया तो जुर्माना बढ़ जाएगा या गाड़ी जब्त कर ली जाएगी। डर पैदा करना इनका सबसे बड़ा तरीका है। कई बार मैसेज में वाहन नंबर और रकम भी लिखी होती है, जिससे यह असली जैसा लगता है।
फर्जी वेबसाइट से बैंक डिटेल्स चोरी
मैसेज में दिया गया लिंक किसी संदिग्ध वेबसाइट पर ले जाता है। यह साइट देखने में सरकारी पोर्टल जैसी लगती है। वहां वाहन नंबर, मोबाइल नंबर, ओटीपी और बैंक जानकारी मांगी जाती है। जैसे ही कोई व्यक्ति यह जानकारी भरता है, उसके खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में हो जाती है।
ये भी पढ़ें : Delhi की सड़कों पर लौटी डबल डेकर बस, जानिए कहां से चलेगी, किन जगहों से गुजरेगी और कितना देना होगा किराया
ऐसे करें असली चालान की जांच
अगर आपको चालान का मैसेज मिले तो घबराएं नहीं। किसी भी लिंक पर सीधे क्लिक न करें। हमेशा आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर जाकर स्टेटस जांचें। आप mParivahan ऐप या परिवहन सेवा की सरकारी वेबसाइट पर वाहन नंबर डालकर सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इन बातों का रखें खास ध्यान
पुलिस या आरटीओ कभी भी अनजान लिंक भेजकर तुरंत भुगतान का दबाव नहीं बनाते। किसी भी वेबसाइट पर ओटीपी, डेबिट कार्ड या बैंक डिटेल्स डालने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें। अगर जरा भी शक हो तो संबंधित ट्रैफिक पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क करें।
सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा
डिजिटल सुविधा के साथ सावधानी भी जरूरी है। थोड़ा सा ध्यान आपको बड़ी ठगी से बचा सकता है। याद रखें, कोई भी मैसेज आए तो पहले जांच करें, फिर ही कदम उठाएं। समझदारी से काम लेने पर आपका पैसा और डेटा दोनों सुरक्षित रहेंगे।