अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के एक फैसले ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। फेड ने एक बार फिर पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया और इसे 3.5% से 3.75% के बीच स्थिर रखा। लगातार तीसरी बार रेट कट न होने से निवेशकों में निराशा देखी गई। इस फैसले का सीधा असर अमेरिकी शेयर बाजार पर पड़ा, जहां प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।
अमेरिकी बाजार से एशिया तक गिरावट
अमेरिका में आई गिरावट का असर गुरुवार को एशियाई बाजारों में साफ दिखा। जापान का निक्केई इंडेक्स 600 अंक से ज्यादा गिर गया, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग भी 350 अंक से अधिक फिसल गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और ब्रिटेन का एफटीएसई इंडेक्स भी दबाव में नजर आए। यह गिरावट बताती है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
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गिफ्ट निफ्टी ने दिए कमजोर संकेत
भारतीय बाजार के लिए अहम संकेतक गिफ्ट निफ्टी भी अस्थिर नजर आया। शुरुआत में हल्की बढ़त के बाद यह तेजी से गिरकर लाल निशान में पहुंच गया। इससे संकेत मिल रहा है कि भारतीय शेयर बाजार में भी दबाव देखने को मिल सकता है। विदेशी संकेतों का असर घरेलू निवेशकों के मूड पर साफ पड़ता है, जिससे शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
अब सेंसेक्स-निफ्टी पर नजर
हालांकि पिछले कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे, लेकिन वैश्विक संकेत अब चिंता बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी जारी रहती है, तो भारतीय बाजार में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि आने वाले सत्र बाजार की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।