फुटबॉल प्रेमियों के लिए इस बार बड़ा झटका लग सकता है। FIFA World Cup 2026 शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, लेकिन भारत में इसके प्रसारण को लेकर अभी तक कोई पक्का समझौता नहीं हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रॉडकास्ट राइट्स को लेकर बातचीत अटक गई है, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि भारतीय दर्शक इस बड़े टूर्नामेंट को आसानी से नहीं देख पाएंगे।
डील क्यों अटकी, सामने आई बड़ी वजह
मामला पैसों पर अटक गया है। FIFA और JioHotstar के बीच बातचीत हुई, लेकिन दोनों के बीच रकम को लेकर सहमति नहीं बन पाई। JioHotstar ने करीब 20 मिलियन डॉलर की पेशकश की, जबकि FIFA की मांग करीब 100 मिलियन डॉलर बताई जा रही है। इतना बड़ा अंतर होने के कारण डील आगे नहीं बढ़ सकी और बातचीत फिलहाल ठप हो गई है।
पहले क्या था रिकॉर्ड, अब क्यों बदला माहौल
अगर पिछली बार की बात करें तो 2022 के वर्ल्ड कप के लिए Jio Cinema ने लगभग 60 मिलियन डॉलर में अधिकार खरीदे थे। इस बार भी FIFA उसी स्तर के आसपास की डील चाहता है, लेकिन कंपनियां उतनी बड़ी रकम खर्च करने से बच रही हैं। इसका सीधा असर इस बार के प्रसारण पर पड़ता दिख रहा है और यही वजह है कि मामला अब तक लटका हुआ है।
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भारत में कंपनियां क्यों पीछे हट रही हैं
इस बार टूर्नामेंट अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होगा, जिससे भारत में मैच देर रात या सुबह के समय प्रसारित होंगे। ऐसे में दर्शकों की संख्या सीमित रहने की आशंका है। इसके अलावा भारत में फुटबॉल अभी भी क्रिकेट जितना बड़ा बाजार नहीं बना है। विज्ञापन बाजार में भी सुस्ती बताई जा रही है, जिससे कंपनियां जोखिम लेने से बच रही हैं। यही कारण है कि बड़ी डील करने में सभी प्लेटफॉर्म हिचकिचा रहे हैं।
चीन में भी वही स्थिति, बढ़ी वैश्विक चिंता
सिर्फ भारत ही नहीं, चीन में भी यही स्थिति बनी हुई है। वहां भी अब तक कोई बड़ा ब्रॉडकास्ट समझौता नहीं हो पाया है। पहले जहां सरकारी चैनल आसानी से अधिकार खरीद लेते थे, इस बार वहां भी चुप्पी देखने को मिल रही है। इससे साफ है कि इस बार ग्लोबल स्तर पर भी प्रसारण को लेकर चुनौतियां सामने आ रही हैं।
अब क्या है आगे का रास्ता
फीफा का कहना है कि भारत और चीन दोनों जगह बातचीत अभी जारी है और जल्द कोई समाधान निकल सकता है। दुनिया के 175 से ज्यादा देशों में प्रसारण डील पहले ही तय हो चुकी है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले भारत में भी कोई न कोई प्लेटफॉर्म अधिकार खरीद लेगा, ताकि फैंस इस सबसे बड़े फुटबॉल महाकुंभ का आनंद उठा सकें।