पश्चिम बंगाल में सियासी तस्वीर बदल चुकी है। भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस को हराकर प्रचंड जीत दर्ज की है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। पार्टी ने बिना किसी घोषित चेहरे के चुनाव लड़ा था, इसलिए नतीजों के बाद सस्पेंस और गहरा गया है।
सुवेंदु अधिकारी सबसे आगे क्यों?
सीएम पद की रेस में सबसे चर्चित नाम सुवेंदु अधिकारी का है। उन्होंने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। खास बात यह है कि भवानीपुर, जो ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता था, वहां भी उन्होंने बढ़त हासिल की। इससे पार्टी के भीतर उनका कद और मजबूत हुआ है।
समिक भट्टाचार्य का संगठनात्मक दावा
दूसरा बड़ा नाम समिक भट्टाचार्य का सामने आ रहा है। उन्हें राज्य में भाजपा की संगठनात्मक मजबूती का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने पुराने और नए कार्यकर्ताओं को जोड़कर पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत किया। शिक्षित और संतुलित छवि के कारण वे भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
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उत्पल महाराज और वैचारिक चेहरा
तीसरे संभावित चेहरे के तौर पर उत्पल ब्रह्मचारो यानी उत्पल महाराज का नाम चर्चा में है। उनकी पहचान एक धार्मिक और सामाजिक नेता के रूप में है। संगठन के भीतर उनकी पकड़ और बड़े अंतर से मिली चुनावी जीत उन्हें इस रेस में खास बनाती है।
स्वपन दासगुप्ता का बौद्धिक विकल्प
चौथे दावेदार के रूप में स्वपन दासगुप्ता का नाम भी सामने आ रहा है। वे एक जाने-माने पत्रकार, लेखक और विचारक रहे हैं। शिक्षित वर्ग में उनकी अच्छी पकड़ है, जो उन्हें अलग तरह का उम्मीदवार बनाती है।
अंतिम फैसला कब और कैसे
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अमित शाह पहले ही संकेत दे चुके हैं कि मुख्यमंत्री “बंगाल का बेटा” ही होगा। ऐसे में यह तय है कि पार्टी स्थानीय चेहरे पर ही दांव लगाएगी, लेकिन कौन—यह फैसला अभी भी पर्दे के पीछे तय होना बाकी है।