भारतीय रेलवे देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह अत्याधुनिक ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी और इसका संचालन नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे जोन करेगा। नारंगी और ग्रे रंग में तैयार यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के लिए डिजाइन की गई है। इसके शुरू होने से पूर्वोत्तर भारत के लिए लंबी दूरी की रात की यात्राएं ज्यादा तेज और आरामदायक हो जाएंगी। रेलवे इसे भविष्य की स्लीपर ट्रेनों का मॉडल मानकर चल रहा है।
तेजी से बढ़ रहा प्रोडक्शन
रेल मंत्रालय ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के निर्माण की रफ्तार बढ़ा दी है। फिलहाल करीब 200 वंदे भारत ट्रेनें अलग-अलग चरणों में तैयार की जा रही हैं। रेलवे की योजना साल 2026 में 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने की है जिनमें दोनों दिशाओं में 6-6 रेक लगाए जाएंगे। इन ट्रेनों का निर्माण सरकारी कंपनी बीईएमएल कर रही है जिसमें आईसीएफ तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। हर रेक में 16 कोच लगाए जाएंगे जिससे संचालन क्षमता काफी बढ़ेगी।
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कोच की कीमत ने खींचा ध्यान
यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का एक कोच कितनी कीमत का होगा। रेलवे के मुताबिक एक स्लीपर कोच की अनुमानित लागत 8 से 8.5 करोड़ रुपये के बीच है। यह लागत मेट्रो कोच की तुलना में कम बताई जा रही है जिनकी कीमत आमतौर पर 10 से 10.5 करोड़ रुपये तक होती है। कुल मिलाकर बीईएमएल 10 रेक तैयार करेगा और हर रेक में 16 कोच होंगे। इस निवेश को रेलवे लंबी दूरी की आधुनिक यात्रा के लिए अहम कदम मान रहा है।
फीचर्स जो बनाते हैं खास
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे जिनमें थर्ड एसी सेकंड एसी और फर्स्ट एसी शामिल रहेंगे। ट्रेन की कुल यात्री क्षमता 823 यात्रियों की होगी। इसमें आरामदायक बर्थ बेहतर सस्पेंशन कम शोर ऑटोमैटिक दरवाजे और आधुनिक सुरक्षा सिस्टम दिए जाएंगे। कवच सुरक्षा प्रणाली इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और बेहतर स्वच्छता तकनीक भी इस ट्रेन का हिस्सा होंगी। तेज रफ्तार और आधुनिक डिजाइन के साथ यह स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की रेल यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदलने वाली है।