Firecracker Factory in Bihar: बिहार के सीवान जिले के जामो थाना क्षेत्र के आलमापुर गांव में पटाखा बनाने के दौरान एक फैक्टरी में जोरदार विस्फोट हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। शुरुआती जानकारी में सात से आठ लोगों की मौत की आशंका जताई गई थी, लेकिन सीवान के एसपी भरत सोनी ने पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है। हादसे में कई लोगों के घायल होने की भी सूचना है। पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
डेढ़ घंटे तक होते रहे धमाके
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटनास्थल पर करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुककर धमाके होते रहे। विस्फोट इतना तेज था कि एक मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। लगातार धमाकों के कारण घटनास्थल पर पहुंचने और राहत कार्य शुरू करने में परेशानी हुई। ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्र में भी विस्फोट होने की बात कही है। एहतियात के तौर पर इलाके की घेराबंदी की गई है और पुलिस लोगों को घटनास्थल से दूर कर रही है।
मौके पर पहुंचीं पुलिस और दमकल की टीमें
घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता और महाराजगंज एसडीपीओ अमन समेत प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। बड़हरिया, जामो और गोरेयाकोठी सहित कई थानों की पुलिस भी राहत कार्य में लगी हुई है। प्रशासन का प्रयास आग पर काबू पाने, मलबे में फंसे लोगों को निकालने और आसपास के इलाके को सुरक्षित रखने का है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही नुकसान की पूरी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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थानाध्यक्ष और चौकीदार निलंबित
हादसे के बाद लापरवाही के आरोपों को लेकर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की है। सीवान के एसपी भरत सोनी ने थानाध्यक्ष और चौकीदार को निलंबित कर दिया है। हालांकि, विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद सामने आएगी। प्रशासन की ओर से घटना के कारणों का पता लगाने की प्रक्रिया जारी है।
फैक्टरी के लाइसेंस की भी होगी जांच
स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि पटाखा फैक्टरी बिना लाइसेंस के चलाई जा रही थी। हालांकि, फैक्टरी के लाइसेंस और उसके संचालन की वैधता को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। फिलहाल मृतकों की संख्या, घायलों की स्थिति और संपत्ति को हुए नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।