TATA ग्रुप की नई चुनौती! 10 हजार करोड़ के कर्ज से पहले Air India से बैंकों ने मांगा पूरा हिसाबTATA ग्रुप की नई चुनौती! 10 हजार करोड़ के कर्ज से पहले Air India से बैंकों ने मांगा पूरा हिसाबदुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक कमर्शियल फ्लाइट ने उस समय सभी का ध्यान खींच लिया जब उड़ान के बीच विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भेज दिया। फ्लाइट अपने तय रास्ते पर आगे बढ़ रही थी, लेकिन कुछ देर बाद उसके रूट में बदलाव देखा गया। विमान के अचानक रास्ता बदलने और इमरजेंसी संकेत भेजने की खबर सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। शुरुआती जानकारी ने यात्रियों और अधिकारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी।
इमरजेंसी कोड ने बढ़ाई बेचैनी
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक विमान ने सबसे पहले 7700 स्क्वॉक कोड भेजा। यह कोड आमतौर पर किसी आपात स्थिति का संकेत माना जाता है। इसके कुछ समय बाद विमान से 7500 कोड भी प्रसारित हुआ। यह कोड अंतरराष्ट्रीय विमानन व्यवस्था में हाईजैकिंग या गैरकानूनी हस्तक्षेप की आशंका से जुड़ा माना जाता है। इसी वजह से इस घटना को गंभीरता से लिया गया और विमान की हर गतिविधि पर नजर रखी जाने लगी।
सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर उतरा विमान
इमरजेंसी संकेत भेजने के बाद विमान ने अपना मार्ग बदल लिया और सऊदी अरब की ओर बढ़ने लगा। फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म पर विमान की लोकेशन लगातार दिखाई दे रही थी। कुछ समय बाद पुष्टि हुई कि विमान ने सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कर ली है। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद राहत की सांस ली गई, लेकिन इमरजेंसी सिग्नल भेजे जाने की वजह अब भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
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सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हुईं सक्रिय
घटना की जानकारी मिलते ही इजरायल की सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायली एयरफोर्स के फाइटर जेट्स को विमान की निगरानी के लिए रवाना किया गया। वहीं इजरायल में शीर्ष स्तर पर सुरक्षा समीक्षा भी की गई। विमान में करीब 180 यात्री सवार बताए गए हैं। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी गई।
पायलटों के विवाद की चर्चा
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में सुरक्षा सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि विमान से भेजे गए इमरजेंसी और गैरकानूनी हस्तक्षेप वाले सिग्नल के पीछे पायलटों के बीच किसी तरह का विवाद हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में यह कोड सक्रिय हुआ।
जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद तत्काल संकट टल गया है, लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह तकनीकी गड़बड़ी थी, मानवीय भूल थी या फिर कोई और वजह थी, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर दी गई है और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं। अब सभी की नजर उस रिपोर्ट पर है जो इस पूरे घटनाक्रम की असली वजह उजागर करेगी।