SIR controversy: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने मतदाता पहचान और नागरिकता से जुड़े स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी है। कोलकाता में हुई सुनवाई के बाद शमी ने साफ कहा कि वह एक गर्वित भारतीय हैं और नागरिकता साबित करने के लिए जितनी बार बुलाया जाएगा, उतनी बार उपस्थित होंगे। उनके इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है, खासकर तब जब यह मामला सार्वजनिक बहस का विषय बना हुआ है।
SIR सुनवाई में पहुंचे शमी
मोहम्मद शमी कोलकाता के कटजुनगर स्थित स्वर्णमयी विद्यापीठ में आयोजित SIR सुनवाई में अपने भाई मोहम्मद कैफ के साथ पहुंचे। दोनों को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस भेजा गया था, क्योंकि वे अनमैप्ड वोटर श्रेणी में पाए गए थे। बताया गया कि उनके माता-पिता के नाम 2003 की किसी भी राज्य की मतदाता सूची में दर्ज नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी।
दस्तावेज जमा
सुनवाई के दौरान शमी और उनके भाई ने पहचान के प्रमाण के तौर पर अपने पासपोर्ट जमा कराए। करीब 15 मिनट तक चली प्रक्रिया के बाद शमी ने कहा कि उन्हें किसी तरह की असुविधा नहीं हुई। उन्होंने चुनाव अधिकारियों के रवैये की सराहना करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया पेशेवर और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई।
यह भी देखेंःSukhna Lake: सुखना झील पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, अवैध निर्माण पर CJI की नाराज़गी
शमी का बयान
मीडिया से बातचीत में शमी ने कहा कि वह पिछले 25 वर्षों से इसी क्षेत्र में रह रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर भविष्य में दोबारा बुलाया गया, तो वह पूरी जिम्मेदारी के साथ फिर आएंगे। शमी ने कहा कि नागरिकता साबित करना उनके लिए बोझ नहीं, बल्कि कर्तव्य है।
नागरिकों से अपील
शमी ने आम लोगों से भी अपील की कि यदि उन्हें SIR या किसी अन्य प्रक्रिया के तहत बुलाया जाए, तो जरूर जाएं और अपने दस्तावेज अपडेट कराएं। उन्होंने कहा कि सही जानकारी देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। क्रिकेट की बात करें तो शमी हालिया वनडे सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं रहे, लेकिन घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में सक्रिय नजर आने वाले हैं।