फीफा विश्व कप में फ्रांस और इराक के बीच मुकाबले के दौरान बेहद दुर्लभ नजारा देखने को मिला। अमेरिका के फिलाडेल्फिया शहर में खेला गया यह मैच तेज बारिश और तूफान की वजह से बीच में रोकना पड़ा। फुटबॉल में आमतौर पर बारिश के बीच भी खेल जारी रहता है लेकिन बिजली चमकने और खराब मौसम के कारण खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई।
हाफ टाइम से बढ़ा इंतजार
फ्रांस और इराक के बीच मुकाबले का पहला हाफ खत्म हुआ तो फ्रांस एक गोल से आगे था। इसके बाद सामान्य तौर पर सिर्फ 15 मिनट का हाफ टाइम होना था लेकिन मौसम ने पूरा कार्यक्रम बदल दिया। तेज बारिश और बिजली चमकने के कारण दूसरा हाफ शुरू नहीं हो सका। खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम में रहना पड़ा और दर्शक भी लंबे समय तक इंतजार करते रहे।
दो घंटे से ज्यादा रुका खेल
खराब मौसम की वजह से हाफ टाइम का ब्रेक करीब दो घंटे से ज्यादा लंबा हो गया। पहले बताया गया था कि खेल कुछ समय बाद शुरू हो जाएगा लेकिन लगातार बिजली चमकने के कारण इंतजार बढ़ता गया। करीब एक घंटा चालीस मिनट बाद दोनों टीमें फिर से मैदान पर वार्म अप के लिए लौटीं। मैदानकर्मी भी पानी निकालने में जुटे रहे ताकि खेल दोबारा शुरू कराया जा सके।
सुरक्षा नियमों के कारण फैसला
फीफा के सुरक्षा नियमों के मुताबिक अगर मैदान के आसपास बिजली चमकती है तो खेल को रोक दिया जाता है। खिलाड़ियों दर्शकों और मैदान पर मौजूद कर्मचारियों को खतरे से बचाने के लिए यह फैसला जरूरी माना जाता है। हर बार बिजली चमकने पर इंतजार का समय फिर से बढ़ सकता है। इसी वजह से फ्रांस और इराक का मुकाबला तय समय से काफी देर बाद शुरू हो पाया।
फ्रांस ने बनाए तीन गोल
लंबे इंतजार के बाद खेल शुरू हुआ तो फ्रांस ने अपना दबाव बनाए रखा। पहले हाफ में किलियन एम्बाप्पे ने गोल करके टीम को बढ़त दिलाई थी। दूसरे हाफ में फ्रांस ने इराक पर लगातार दबाव बनाया और दो और गोल किए। एम्बाप्पे ने फिर गोल किया जबकि उस्मान डेम्बेले ने भी टीम के लिए गोल दागा। इराक की टीम फ्रांस की तेज रफ्तार के सामने वापसी नहीं कर सकी।
इसे भी पढ़ें : Dhoni बने क्रिकेट के फेडरर, Kohli में दिखा अल्कारेज वाला जोश, पढ़ें पूरी खबर
जीत के साथ आगे बढ़ा फ्रांस
फ्रांस ने इराक को 3-0 से हराकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ फ्रांस ने नॉकआउट दौर में अपनी जगह मजबूत कर ली। मैच में बारिश तूफान और लंबे इंतजार ने दर्शकों को परेशान जरूर किया लेकिन फ्रांस ने मैदान पर उतरते ही अपना खेल नहीं बदला। यह मुकाबला अब सिर्फ फ्रांस की जीत के लिए नहीं बल्कि विश्व कप में मौसम की वजह से हुए लंबे ब्रेक के लिए भी याद रखा जाएगा।