Seva Tirtha and Kartavya Bhavan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई प्रशासनिक इमारतों ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन-1 एवं 2 का उद्घाटन करते हुए कहा कि देश एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन इमारतों में वर्षों तक शासन चला, वे औपनिवेशिक प्रतीक थीं और अब भारत अपनी पहचान के अनुरूप नए ढांचे तैयार कर रहा है।
नई सोच का संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक ब्रिटिश काल की सोच को दर्शाते थे। आज देश कर्तव्य पथ, अमृत उद्यान और संविधान भवन जैसे नए नामों के साथ आत्मसम्मान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, यह बदलाव केवल नाम का नहीं बल्कि मानसिकता का परिवर्तन है।
प्रशासन को नई दिशा
नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय को स्थान दिया गया है। वहीं कर्तव्य भवन-1 और 2 में कई अहम मंत्रालयों को एकीकृत ढांचे में काम करने की सुविधा मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे समन्वय और निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
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विकसित भारत का संकल्प
उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री ने दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश तेज रफ्तार सुधारों, नए व्यापार समझौतों और बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
इतिहास रहेगा सुरक्षित
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि पुराने नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को संग्रहालय में बदलने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनसे जुड़ा ऐतिहासिक महत्व सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि अतीत की विरासत को संजोते हुए नए भारत का निर्माण ही सरकार की प्राथमिकता है।