
Afghan Foreign Minister Muttaqi: अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी इन दिनों अपने सात दिवसीय भारत दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने दिल्ली स्थित अफगानिस्तान एंबेसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महिलाओं की शिक्षा, पाकिस्तान, अमेरिका और भारत-अफगान रिश्तों पर खुलकर बात की। मुत्ताकी ने बताया कि अफगानिस्तान में महिलाओं को शिक्षा दी जा रही है और इस समय देशभर के स्कूलों व शैक्षणिक संस्थानों में करीब एक करोड़ छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में सीमाएं जरूर हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि महिलाओं की शिक्षा पर रोक है।
भारत से सहयोग की नई शुरुआत
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुत्ताकी ने कहा कि उनकी मुलाकात भारत के विदेश मंत्री से हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच विकास परियोजनाओं को दोबारा शुरू करने पर चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच एक संयुक्त व्यापार समिति बनाई जाएगी और वीजा प्रक्रिया को सरल किया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली और काबुल के बीच हवाई सेवा फिर से शुरू करने की भी बात हुई है। मुत्ताकी ने भारत से अटारी-वाघा बॉर्डर खोलने का आग्रह किया और अफगान नागरिकों की रिहाई का मुद्दा भी उठाया।
पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय मसलों पर जवाब
पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव पर अफगान विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश शांति चाहता है, लेकिन अगर सीमा की सुरक्षा का सवाल आएगा, तो अफगान सेना उसका जवाब देना जानती है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान ने नाटो और अमेरिका के साथ 20 साल तक संघर्ष किया और अब चार साल से देश में स्थिरता बनी हुई है। मुत्ताकी ने यह भी स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान में किसी भी नागरिक, महिला या विदेशी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है और सभी इस्लामी कानून के तहत सुरक्षित हैं।