वैश्विक तेल संकट के बीच भारत में पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। नई कीमतें लागू होने के बाद कई जगह पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में यह इजाफा आम लोगों की चिंता और बढ़ा सकता है।
पूरी क्षमता से काम कर रहीं रिफाइनरियां
Indian Oil Corporation की रिफाइनरियां फिलहाल 100 प्रतिशत से ज्यादा क्षमता पर काम कर रही हैं। कंपनी के रिफाइनरीज डायरेक्टर अरविंद कुमार ने कहा कि वैश्विक दबाव के मुकाबले यह बढ़ोतरी काफी सीमित है और सरकार की कोशिश है कि देश में कहीं भी ईंधन की कमी न हो। उन्होंने लोगों से ईंधन बचाने की अपील भी की।
सरकार ने बताया क्यों बढ़े दाम
सरकारी सूत्रों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल काफी महंगा हो गया है। इसका असर भारत पर भी पड़ा है। सरकार का कहना है कि तेल कंपनियां लंबे समय से भारी नुकसान झेल रही थीं और आम जनता को राहत देने के लिए काफी बोझ खुद उठा रही थीं।
ये भी पढ़ें : EPFO का बड़ा बदलाव! अब फटाफट मिलेगा PF का पैसा, 7 करोड़ लोगों को राहत
तेल कंपनियों पर भारी दबाव
सूत्रों के मुताबिक तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल पर बड़ी सब्सिडी जैसी राहत दे रही थीं। सरकार पहले ही पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में कटौती कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि अगर यह कदम नहीं उठाए जाते तो ईंधन की कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती थीं।
आम लोगों की बढ़ी चिंता
जम्मू समेत कई शहरों में कीमतें बढ़ने के बाद लोगों ने चिंता जताई है कि इसका असर रोजमर्रा की चीजों पर भी पड़ेगा। लोगों का कहना है कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी और जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं।
सरकार ने क्या कहा
सरकार का कहना है कि यह संकट वैश्विक हालात की वजह से पैदा हुआ है और भारत अभी भी कई देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। अधिकारियों ने दावा किया कि दुनिया के कई हिस्सों में ईंधन की राशनिंग तक शुरू हो चुकी है, जबकि भारत में सप्लाई सामान्य बनाए रखने की कोशिश जारी है।