गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही सबसे बड़ा सवाल टोल को लेकर उठ रहा है। इस एक्सप्रेसवे पर वाहन श्रेणी के अनुसार अलग-अलग दरें तय की गई हैं। दो और तीन पहिया वाहनों के लिए 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर देना होगा, जबकि कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है।
भारी वाहनों पर ज्यादा बोझ
इस रूट पर हल्के वाणिज्यिक वाहन और मिनी बस के लिए 4.05 रुपये प्रति किलोमीटर टोल रखा गया है। वहीं बस और ट्रक के लिए 8.20 रुपये प्रति किलोमीटर देना होगा। मल्टी एक्सल वाहनों के लिए 12.60 रुपये प्रति किलोमीटर और ओवरसाइज भारी वाहनों के लिए 16.10 रुपये प्रति किलोमीटर तक टोल तय किया गया है। मेरठ से प्रयागराज तक कार से सफर करने पर करीब 1500 रुपये खर्च होने का अनुमान है।
टोल प्लाजा और सिस्टम कैसा है
इस एक्सप्रेसवे पर दो मुख्य टोल प्लाजा और 19 रैंप टोल प्लाजा बनाए गए हैं। यहां क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें एंट्री और एग्जिट के आधार पर ही शुल्क लिया जाएगा। इससे यात्रियों को उतनी ही दूरी का भुगतान करना होगा जितना उन्होंने सफर किया है।
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धीमी रफ्तार वाहनों पर रोक
इस एक्सप्रेसवे को तेज और सुरक्षित यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है। यहां टेंपो, ट्रैक्टर और अन्य धीमी गति वाले वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई गई है। वाहन चालक 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफर कर सकेंगे, जिससे लंबी दूरी का समय आधा हो जाएगा।
एनुअल पास को लेकर बड़ा अपडेट
बहुत से लोगों के मन में सवाल है कि क्या नेशनल हाईवे का एनुअल पास यहां चलेगा। इसका जवाब साफ है कि यह सुविधा यहां लागू नहीं होगी। क्योंकि यह एक्सप्रेसवे अलग एजेंसी द्वारा संचालित किया जा रहा है, इसलिए यहां अलग नियम लागू किए गए हैं।
राहत के लिए पास की सुविधा
हालांकि यात्रियों को राहत देने के लिए रिटर्न जर्नी पास और मासिक पास की सुविधा दी गई है। एक ही दिन में आने जाने वाले लोगों को छूट मिल सकती है, जबकि रोजाना सफर करने वालों के लिए मासिक पास फायदेमंद रहेगा। कुल मिलाकर यह एक्सप्रेसवे जहां यात्रा को आसान बनाएगा, वहीं टोल की वजह से जेब पर असर भी डालेगा।