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social media ban in Nepal: नेपाल की राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में सोशल मीडिया बैन को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया है। सरकार ने सात दिन की समयसीमा में रजिस्ट्रेशन न कराने वाले प्लेटफॉर्म्स को बैन कर दिया, जिसके बाद हजारों की संख्या में युवा सड़क पर उतर आए। देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन संसद भवन तक पहुंच गया। प्रदर्शनकारियों ने संसद परिसर में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस ने आंसू गैस, पानी की बौछार और यहां तक कि गोलीबारी का सहारा लिया। इस दौरान काठमांडू में कर्फ्यू लगा दिया गया और सुरक्षा के लिए नेपाली सेना की तैनाती के आदेश दिए गए।
संसद भवन के बाहर गोलीबारी, छह की मौत
प्रदर्शन के उग्र रूप लेने के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। खबर है कि संसद भवन के बाहर गोलीबारी में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 80 लोग घायल हुए हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। नेशनल ट्रॉमा सेंटर में चार और सिविल हॉस्पिटल में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, पोखरा और इटहरी में भी गोली चलने की खबर है। यहां तक कि पोखरा में गंडकी प्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यालय पर भी पथराव किया गया। संसद भवन के गेट नंबर 2 के पास प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की, जिसकी लपटें तेजी से फैल रही हैं और फिलहाल बुझाई नहीं जा सकी हैं।
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भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी
नेपाल में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्थाएं कड़ी कर दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, भारत-नेपाल बॉर्डर पर एसएसबी को अलर्ट कर दिया गया है और निगरानी बढ़ा दी गई है। सीमा पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। नेपाल सरकार ने मौजूदा हालात का आकलन करने के लिए आपात बैठक बुलाई है। काठमांडू में लगाए गए कर्फ्यू के तहत चार जिलों में किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस या प्रदर्शन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ यह आंदोलन अब नेपाल में बड़े राजनीतिक और सामाजिक संकट का रूप लेता दिख रहा है।