मेरठ रोड स्थित मैनापुर औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक केमिकल पेंट और स्क्रैप फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और ऊंची-ऊंची लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगीं। इलाके में काला धुआं फैल गया और केमिकल ड्रमों में हो रहे धमाकों से आसपास के लोग दहशत में आ गए। राहत की बात यह रही कि घटना के समय फैक्ट्री में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
सूचना मिलते ही फायर विभाग हरकत में
रात करीब 8:56 बजे फायर स्टेशन कोतवाली को अरविंद केमिकल्स पेंट फैक्ट्री और सरल स्क्रैप फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में कोतवाली फायर स्टेशन से टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। शुरुआती तौर पर चार फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए।
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तेजी से फैलती आग ने बढ़ाई चुनौती
जब फायर टीम मौके पर पहुंची तो आग काफी भयंकर रूप ले चुकी थी और फैक्ट्री परिसर में तेजी से फैल रही थी। काले धुएं और केमिकल के कारण स्थिति और खतरनाक हो गई थी। आग की तपिश इतनी तेज थी कि टीन शेड से बना फैक्ट्री का ढांचा गिरने लगा, जिससे आग तक सीधे पानी पहुंचाना मुश्किल हो गया और बचाव कार्य में बाधाएं आने लगीं।
जेसीबी की मदद से शुरू हुआ बचाव
आग को काबू करने के लिए फायर फाइटिंग टीम ने जेसीबी मशीन की मदद ली। फैक्ट्री की दीवारों को दोनों तरफ से तोड़कर रास्ता बनाया गया और गिरे हुए टीन शेड को हटाया गया ताकि आग के केंद्र तक पानी पहुंचाया जा सके। इसी दौरान आग और तेज हो गई, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए।
चार जिलों की टीमों ने मिलकर पाया आग पर काबू
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हापुड़, मेरठ और गौतमबुद्ध नगर से भी फायर टेंडर बुलाए गए। कुल 20 फायर टेंडरों की टीमों ने करीब छह घंटे तक लगातार मशक्कत की और रात करीब दो बजे आग पर काबू पाया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के मुताबिक सबसे बड़ी चुनौती आग को आसपास की फैक्ट्रियों तक फैलने से रोकना था। दमकल कर्मियों की सतर्कता से करीब छह फैक्ट्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया और इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।