Ghaziabad Property Price : दिल्ली-NCR में घर खरीदने वालों के लिए प्रॉपर्टी मार्केट से एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल गाजियाबाद में घरों की कीमतें सालाना आधार पर 17% गिरकर 9,210 रुपये प्रति स्क्वॉयर फीट रह गईं। खास बात ये है कि दिल्ली-NCR के बाकी प्रमुख शहरों में कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे गाजियाबाद उन खरीदारों के लिए आकर्षक विकल्प बन गया है, जो सीमित बजट में घर तलाश रहे हैं।
बिके बिना पड़ा है बड़ा स्टॉक
गाजियाबाद में कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह भारी अनसोल्ड इन्वेंट्री बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में करीब 31.1 मिलियन स्क्वॉयर फीट की प्रॉपर्टी अभी तक नहीं बिकी है। इसमें करीब 11.9 मिलियन स्क्वॉयर फीट स्टॉक ऐसे प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है, जो किसी वजह से अटके हुए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में बिना बिके घरों ने बिल्डरों पर कीमतों को लेकर दबाव बढ़ाया है। इसका सीधा फायदा खरीदारों को मिल रहा है।
सस्ते घरों की बिक्री बढ़ी
दिलचस्प बात ये है कि कीमतें कम होने के साथ गाजियाबाद में मिड-सेगमेंट और अफोर्डेबल हाउसिंग की मांग में सुधार देखने को मिला है। दिल्ली-NCR में कुल प्रॉपर्टी बिक्री में गाजियाबाद की हिस्सेदारी करीब 15% रही। यानी कीमतों में गिरावट ने खरीदारों को अपनी तरफ खींचा है। आगामी फेस्टिव सीजन में भी अगर बिल्डर डिस्काउंट और दूसरे ऑफर देते हैं, तो यहां मांग और बढ़ सकती है।
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गुरुग्राम और ग्रेटर नोएडा महंगे
दूसरी तरफ गुरुग्राम में घरों की कीमत सालाना 6% बढ़कर 21,538 रुपये प्रति स्क्वॉयर फीट पहुंच गई। ग्रेटर नोएडा में भी कीमतों में 18% की तेजी आई और औसत कीमत 12,826 रुपये प्रति स्क्वॉयर फीट हो गई। सबसे तेज उछाल फरीदाबाद में दर्ज किया गया, जहां कीमतें 264% बढ़कर 11,242 रुपये प्रति स्क्वॉयर फीट तक पहुंच गईं। हालांकि, फरीदाबाद के आंकड़े में आधार प्रभाव की भूमिका को ध्यान में रखना जरूरी है।
नोएडा में लग्जरी घरों की डिमांड
नोएडा में 3BHK और 4BHK जैसे बड़े घरों और आधुनिक सुविधाओं वाले लग्जरी प्रोजेक्ट्स की मांग मजबूत बनी हुई है। वहीं दिल्ली-NCR में नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग घटने से डिमांड और सप्लाई के बीच अंतर बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, रीजन में प्रॉपर्टी की बिक्री सालाना आधार पर 27% घटकर 23.5 मिलियन स्क्वॉयर फीट रह गई, जबकि नए लॉन्च 45% गिरकर 21.2 मिलियन स्क्वॉयर फीट पर आ गए। ऐसे में गाजियाबाद में कीमतों की गिरावट खरीदारों के लिए राहत जरूर है, लेकिन घर खरीदने से पहले प्रोजेक्ट की स्थिति और बिल्डर का रिकॉर्ड जांचना बेहद अहम रहेगा।