दुनिया इस समय कई बड़े सैन्य संघर्षों का सामना कर रही है। यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कई देशों ने अपने रक्षा बजट में बढ़ोतरी की है। अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार अमेरिका अब भी दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश बना हुआ है। पिछले वर्ष अमेरिका ने अपनी सेना पर करीब 954 अरब डॉलर खर्च किए, जो किसी भी अन्य देश से काफी ज्यादा है।
चीन और रूस का बड़ा निवेश
रक्षा खर्च के मामले में चीन दूसरे स्थान पर है। चीन ने अपनी सैन्य ताकत को मजबूत करने के लिए लगभग 336 अरब डॉलर खर्च किए। वहीं यूक्रेन के साथ लंबे समय से चल रहे युद्ध के बीच रूस ने अपनी सेना पर करीब 190 अरब डॉलर खर्च किए। यह खर्च रूस की सुरक्षा और सैन्य अभियानों की प्राथमिकता को दिखाता है।
भारत पांचवें नंबर पर
रक्षा खर्च के मामले में भारत दुनिया में पांचवें स्थान पर है। भारत ने पिछले वर्ष अपनी सेना पर लगभग 92 अरब डॉलर खर्च किए। भारत से आगे अमेरिका, चीन, रूस और जर्मनी हैं। जर्मनी ने करीब 114 अरब डॉलर का रक्षा बजट खर्च किया। भारत का यह निवेश आधुनिक सैन्य क्षमता और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें : Hotel Fire Safety : मालवीय नगर हादसे से सबक, Hotel-Restaurant मालिकों के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय
यूरोप के देशों का बढ़ा खर्च
यूरोप में सुरक्षा चुनौतियों के कारण कई देशों ने सैन्य बजट बढ़ाया है। ब्रिटेन ने लगभग 89 अरब डॉलर और फ्रांस ने 68 अरब डॉलर रक्षा क्षेत्र पर खर्च किए। जापान ने भी अपनी सुरक्षा रणनीति के तहत करीब 62 अरब डॉलर का निवेश किया। यूक्रेन ने युद्ध के बावजूद अपनी सेना पर 84 अरब डॉलर खर्च किए, जो उसकी सुरक्षा आवश्यकताओं को दर्शाता है।
टॉप 10 से बाहर इजरायल
पश्चिम एशिया में लगातार सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के बावजूद इजरायल शीर्ष 10 देशों की सूची में जगह नहीं बना पाया। इजरायल का सैन्य खर्च लगभग 48 अरब डॉलर रहा। यह खर्च इटली और दक्षिण कोरिया के बराबर बताया गया है। इस वजह से इजरायल सूची में 11वें स्थान पर रहा।
बढ़ती वैश्विक चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया भर में बढ़ते सैन्य खर्च यह संकेत देते हैं कि कई देश सुरक्षा चुनौतियों को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं। यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया का तनाव और क्षेत्रीय संघर्षों ने रक्षा बजट को नई प्राथमिकता बना दिया है। आने वाले वर्षों में भी बड़े देशों के सैन्य खर्च में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।