साल 2025 सोने में निवेश करने वालों के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा। साल की शुरुआत में जहां सोना करीब 78 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था, वहीं दिसंबर आते-आते इसकी कीमत बढ़कर लगभग 1 लाख 37 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। यानी एक ही साल में सोने ने करीब 73 से 75 प्रतिशत तक का जबरदस्त रिटर्न दिया। पिछले 46 सालों में यह सोने की कीमत में आई सबसे तेज और बड़ी बढ़त मानी जा रही है, जिसने निवेशकों को मालामाल कर दिया है।
निवेशकों का भरोसा कायम
घरेलू वायदा बाजार MCX पर सोने ने 1,35,590 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑलटाइम हाई लेवल भी छू लिया। शुक्रवार को बाजार बंद होने तक यह करीब 1,34,200 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा। यह साफ संकेत है कि महंगाई, वैश्विक अनिश्चितता और आर्थिक जोखिमों के बीच निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मानते रहे हैं। खास बात यह है कि अक्टूबर 2023 के बाद से अब तक सोने की कीमत करीब 139 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है, यानी कीमत लगभग दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है।
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2026 में भी चमक बरकरार रहने की उम्मीद
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोना और चांदी की यह तेजी अगले साल भी जारी रह सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक बीते 10 सालों में रिटर्न के लिहाज से 2025 सोना और चांदी दोनों के लिए सबसे बेहतरीन सालों में शामिल रहा है। मेहता इक्विटीज के वीपी कमोडिटीज राहुल कलांत्री का कहना है कि उतार-चढ़ाव के बावजूद सोना और चांदी हाल के हफ्तों में ऊंचे स्तर पर बंद हुए हैं। अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती के बाद ग्लोबल मार्केट में चांदी ने भी नया रिकॉर्ड बनाया और इस साल चांदी करीब 100 प्रतिशत तक चढ़ चुकी है।
निवेशकों के लिए क्या हो सही रणनीति
निवेश को लेकर एक्सपर्ट्स सतर्क और संतुलित रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। जानकारों का कहना है कि कीमतों में आने वाली किसी भी गिरावट को लॉन्ग टर्म निवेशक धीरे-धीरे खरीदारी के मौके के तौर पर देख सकते हैं। अगर सोना अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर टिका रहता है, तो यह अपने पुराने शिखर को फिर छू सकता है। वहीं, जिन निवेशकों ने निचले स्तर पर एंट्री ली है, वे आंशिक मुनाफावसूली पर विचार कर सकते हैं। नए निवेशकों के लिए गिरावट पर निवेश करने के लिए डॉलर कॉस्ट एवरेजिंग यानी DCA रणनीति को सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा विकल्प माना जा रहा है।