मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच आमतौर पर सोने की कीमतें बढ़ने की उम्मीद की जाती है, लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग दिखाई दे रही है। दुनिया में युद्ध जैसे हालात बनने के बावजूद सोने के दामों में गिरावट देखी जा रही है। इससे निवेशकों के बीच सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। कई लोग यह भी जानना चाहते हैं कि क्या मौजूदा समय सोना खरीदने के लिए सही मौका हो सकता है या नहीं।
तनाव के बावजूद सोना सस्ता क्यों हुआ
आमतौर पर जब दुनिया में तनाव बढ़ता है तो निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं, क्योंकि इसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन इस बार तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक आर्थिक हालात ने तस्वीर बदल दी है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद तेल की कीमतें काफी ऊपर चली गईं, जिससे कई देशों में महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा हो गई। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है।
मजबूत डॉलर का पड़ा असर
विशेषज्ञों के अनुसार इस समय सोने की कीमतों पर सबसे बड़ा असर डॉलर की मजबूती का है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने की मांग कम हो जाती है। इसके अलावा ब्याज दरों को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो निवेशक सोने की जगह अन्य विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। यही कारण है कि हाल के दिनों में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
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भारत में भी दिखी कीमतों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार के असर से भारत में भी सोने और चांदी के दामों में हल्की गिरावट देखने को मिली है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत में कमी आई है, वहीं वायदा बाजार में भी सोने के भाव नीचे आए हैं। चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट फिलहाल सीमित हो सकती है और आगे हालात के अनुसार कीमतों में फिर बदलाव संभव है।
युद्ध लंबा चला तो बदल सकता है रुख
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर मिडिल ईस्ट का तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो सोने की कीमतें फिर बढ़ सकती हैं। खासकर अगर तेल की आपूर्ति प्रभावित होती है या वैश्विक बाजार में महंगाई बढ़ती है तो सोने की मांग बढ़ सकती है। इसके अलावा भारत में शादी के मौसम के करीब आने से भी सोने की मांग बढ़ने की संभावना रहती है।
निवेश से पहले सोचने की सलाह
बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए। अगर कोई लंबे समय के लिए निवेश करना चाहता है तो कीमतों में आई गिरावट को अवसर के रूप में देखा जा सकता है। लेकिन अल्पकालिक निवेश करने वालों को बाजार के संकेतों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक फैसले और युद्ध की स्थिति सोने की कीमतों की दिशा तय कर सकते हैं।