प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद बाजार में यह चर्चा तेज हो गई थी कि केंद्र सरकार सोने और चांदी के आयात पर ड्यूटी बढ़ा सकती है। हालांकि अब सरकारी सूत्रों ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। इससे ज्वेलरी बाजार और निवेशकों के बीच बनी अनिश्चितता काफी हद तक कम होती दिखाई दे रही है।
विदेशी मुद्रा बचाने पर सरकार का फोकस
पीएम मोदी ने हाल ही में लोगों से अगले एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचने की अपील की थी। उनका कहना था कि इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातक देशों में शामिल है और हर साल अरबों डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार सोने के आयात पर खर्च होता है।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की तैयारी
इसी बीच खबर है कि अमेरिकी अधिकारी जल्द व्यापार वार्ता के लिए भारत आ सकते हैं। हालांकि तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच लंबित व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें USTR की ‘सेक्शन 301’ जांच भी शामिल रहने की संभावना है।
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भारत ने अमेरिकी आरोपों को नकारा
भारत ने अमेरिकी जांच में लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इन दावों के समर्थन में कोई ठोस आधार पेश नहीं किया गया। नई दिल्ली ने अमेरिका से अनुरोध किया है कि भारत के खिलाफ जारी जांच को समाप्त किया जाए। सरकार का कहना है कि भारतीय उद्योगों पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से मेल नहीं खाते।
ट्रेड डील पर अभी बनी रहेगी नजर
हाल के महीनों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच भी इस दिशा में चर्चा हो चुकी है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सेक्शन 301 जांच पूरी नहीं होती, तब तक किसी बड़े व्यापार समझौते की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी।