मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करने की अपील की है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ऊर्जा आपूर्ति को लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज थीं।
पूरी क्षमता से चल रही हैं रिफाइनरियां
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने की सूचना नहीं मिली है। साथ ही घरेलू और कमर्शियल LPG की सप्लाई भी सामान्य तरीके से जारी है।
तीन दिनों में रिकॉर्ड LPG डिलीवरी
सरकार के अनुसार पिछले तीन दिनों में 1.26 करोड़ LPG सिलेंडर बुक किए गए, जिनमें से 1.14 करोड़ सिलेंडरों की डिलीवरी भी कर दी गई। इसके अलावा 17,000 टन से ज्यादा कमर्शियल LPG और 762 टन से अधिक ऑटो LPG की बिक्री हुई है। छोटे 5 किलो वाले सिलेंडरों की भी बड़ी संख्या में बिक्री दर्ज की गई है।
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कैंप लगाकर भी की जा रही सप्लाई
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने देशभर में विशेष कैंप भी लगाए हैं, ताकि लोगों तक गैस सिलेंडर की उपलब्धता आसान बनी रहे। सरकार का कहना है कि सप्लाई चेन पूरी तरह सक्रिय है और किसी भी स्तर पर वितरण प्रभावित नहीं हुआ है।
पीएम मोदी की अपील के बाद बढ़ी चर्चा
एक दिन पहले नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और गैस का सोच-समझकर इस्तेमाल करने की अपील की थी। उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने और वैश्विक अनिश्चितता के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया था। सरकार का कहना है कि यह अपील संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को लेकर थी, न कि किसी कमी की चेतावनी।