अक्षय तृतीया से ठीक पहले सोना और चांदी के बाजार में बड़ा झटका लगा है। जानकारी के अनुसार भारत में इन धातुओं के आयात पर फिलहाल रोक जैसी स्थिति बन गई है, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों की चिंता बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों से बाजार में खरीदारी का माहौल बना हुआ था, लेकिन अब अचानक आई इस स्थिति ने अनिश्चितता पैदा कर दी है। इससे आने वाले दिनों में कीमतों पर सीधा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
कस्टम में फंसा भारी माल
मौजूदा हालात में करीब 5 टन सोना और 8 टन चांदी कस्टम में अटकी हुई है। बताया जा रहा है कि बैंकों ने विदेशों से आने वाले नए ऑर्डर को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसका कारण सरकार की ओर से जारी होने वाले निर्देशों में देरी बताया जा रहा है। इस वजह से न केवल सप्लाई प्रभावित हुई है, बल्कि बाजार में उपलब्धता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
वैश्विक बाजार पर भी असर
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना और चांदी उपभोक्ताओं में शामिल है। ऐसे में यहां मांग में कमी का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह स्थिति बनी रहती है तो वैश्विक स्तर पर कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि इससे देश के व्यापार घाटे को कम करने और मुद्रा को मजबूत करने में कुछ राहत भी मिल सकती है।
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क्यों अटके हैं आयात आदेश
हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा एक सूची जारी की जाती है, जिसमें उन बैंकों के नाम होते हैं जिन्हें सोना और चांदी आयात करने की अनुमति होती है। पिछले वर्ष जारी आदेश 31 मार्च 2026 तक ही मान्य था। अब नए आदेश का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बिना बैंक आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ा पा रहे हैं। यही वजह है कि आयात पर अस्थायी ब्रेक लग गया है।
त्योहार पर असर की आशंका
अक्षय तृतीया के मौके पर सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन मौजूदा हालात में कीमतों में तेजी आ सकती है। अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं होती है तो बाजार में दबाव बढ़ेगा और ग्राहकों को महंगा सोना खरीदना पड़ सकता है। इससे त्योहार की चमक फीकी पड़ने का खतरा भी जताया जा रहा है।
आगे क्या होगा स्थिति साफ नहीं
फिलहाल बाजार की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी है। जैसे ही नए निर्देश जारी होंगे, आयात प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकती है। लेकिन तब तक बाजार में असमंजस बना रहेगा और कीमतों में उतार चढ़ाव देखने को मिलता रहेगा।