24 जून को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब 1,600 रुपये टूटकर लगभग 1,44,918 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा। जुलाई डिलीवरी वाली चांदी भी करीब 1,000 रुपये की कमजोरी के साथ लगभग 2,24,793 रुपये प्रति किलो के स्तर पर रही। दिन की शुरुआत में गिरावट इससे भी ज्यादा तेज थी।
कानपुर में 24 कैरेट सोना कितना
कानपुर में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,44,480 रुपये प्रति 10 ग्राम बताया गया। 22 कैरेट सोना लगभग 1,32,450 रुपये और 18 कैरेट सोना करीब 1,08,400 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। दिल्ली और लखनऊ में भी लगभग इसी स्तर के रेट देखने को मिले। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज, जीएसटी और दुकान के अलग मार्जिन से अंतिम बिल बदल सकता है।
चांदी में ज्यादा तेज गिरावट
सोने की तुलना में चांदी में दबाव ज्यादा रहा। कुछ रिपोर्टों में MCX पर चांदी में 3,300 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट बताई गई, जबकि शुरुआती कारोबार में गिरावट 4,000 रुपये से ऊपर तक पहुंची थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी करीब 61 डॉलर प्रति औंस के आसपास कमजोर रही। इसलिए चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव अभी तेज बना रह सकता है।
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डॉलर की मजबूती बनी बड़ी वजह
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। डॉलर मजबूत होने पर दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा पड़ता है, जिससे मांग पर दबाव आता है। साथ ही अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद बढ़ने से बिना ब्याज देने वाले निवेश जैसे सोने की चमक कुछ कम हुई है। इसी वजह से वैश्विक बाजार में भी सोना करीब दो सप्ताह के निचले स्तर तक फिसला।
ब्याज दरों की आशंका का असर
बाजार को उम्मीद है कि महंगाई का दबाव बना रहने पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है। ऊंची ब्याज दरों में बॉन्ड और डॉलर आधारित निवेश आकर्षक हो जाते हैं। इसका असर सोने और चांदी जैसे कीमती धातुओं पर पड़ता है। हाल के दिनों में भू-राजनीतिक तनाव और तेल बाजार की हलचल ने भी निवेशकों की रणनीति बदल दी है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
गिरते दाम खरीदारी का मौका लग सकते हैं, लेकिन एक दिन की गिरावट को अंतिम संकेत मानना सही नहीं है। शादी या जरूरत के लिए खरीद रहे हैं तो बिल, हॉलमार्क और मेकिंग चार्ज जरूर जांचें। निवेश के लिए एकमुश्त रकम लगाने के बजाय चरणों में खरीदारी पर विचार किया जा सकता है। सोने-चांदी की कीमतें डॉलर, ब्याज दरों और वैश्विक घटनाओं के साथ तेजी से बदल सकती हैं।