सोमवार को चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली और निवेशक हैरान रह गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी वायदा करीब तीन प्रतिशत टूटकर 2.32 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास आ गई। दिन की शुरुआत में चांदी ने 2.54 लाख रुपये प्रति किलो का नया रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन ऊंचे स्तर पर पहुंचते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसके चलते चांदी का भाव 7124 रुपये तक गिर गया। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले हफ्ते ही चांदी ने 15 प्रतिशत से ज्यादा की जोरदार तेजी दिखाई थी।
सोने की चमक भी पड़ी फीकी
चांदी के साथ साथ सोना भी प्रॉफिट बुकिंग की चपेट में आ गया। चार दिन की लगातार तेजी के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सोना वायदा करीब 1500 रुपये टूटकर 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे पहले शुक्रवार को सोना 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचे भाव पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने सुरक्षित मुनाफा निकालना बेहतर समझा।
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वैश्विक बाजार से भी दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार यूरोपीय ट्रेडिंग सेशन में भी सोने और चांदी पर दबाव दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत चार प्रतिशत से ज्यादा गिरकर करीब 73 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। सत्र की शुरुआत में चांदी पहली बार 80 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंची थी। वहीं सोना भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। कमजोर ग्लोबल संकेतों और रिकॉर्ड स्तरों के बाद मुनाफावसूली ने कीमतों को नीचे खींचा।
निवेशकों के लिए सतर्कता जरूरी
कमोडिटी बाजार के जानकारों का कहना है कि सोना और चांदी दोनों ही इस समय ओवरबॉट जोन में हैं। ऐसे में आगे और करेक्शन देखने को मिल सकता है। महीने और साल के अंत में निवेशक अपनी पोजीशन री बैलेंस कर रहे हैं जिसका असर कीमतों पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक जल्दबाजी में फैसला न लें और बाजार के स्थिर होने का इंतजार करें। फिलहाल की गिरावट यह संकेत दे रही है कि रिकॉर्ड तेजी के बाद बाजार अब सांस ले रहा है।