सोने और चांदी के खरीदारों के लिए मंगलवार की सुबह बड़ी खबर लेकर आई। घरेलू वायदा बाजार में दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दिखी। शुरुआती कारोबार में सोना करीब 1400 से 1600 रुपये तक सस्ता हुआ, जबकि चांदी में 6000 रुपये से ज्यादा की टूट दर्ज की गई। बाजार में यह गिरावट अचानक नहीं आई, इसके पीछे डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजार की कमजोर चाल को बड़ी वजह माना जा रहा है।
24 कैरेट और 22 कैरेट का नया भाव
आज 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव करीब 1,46,750 रुपये से 1,47,980 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में बताया जा रहा है। वहीं गहनों में इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना करीब 1,34,000 रुपये से 1,35,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच है। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के हिसाब से रेट में थोड़ा अंतर हो सकता है, क्योंकि मेकिंग चार्ज, टैक्स और स्थानीय मांग भी कीमत बदलते हैं।
चांदी ने खरीदारों को दिया झटका
चांदी में गिरावट सोने से भी ज्यादा तेज रही। एमसीएक्स पर चांदी वायदा करीब 2.8 प्रतिशत नीचे आया और भाव लगभग 2,27,735 रुपये से 2,28,200 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गया। दिल्ली और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में चांदी का खुदरा भाव करीब 2,45,000 रुपये से 2,55,000 रुपये प्रति किलो तक बताया जा रहा है। यानी एक ही दिन में चांदी खरीदने वालों को बड़ी राहत मिली है।
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डॉलर मजबूत हुआ तो क्यों टूटा सोना
सोने और चांदी की कीमतों पर अमेरिकी डॉलर का सीधा असर पड़ता है। डॉलर इंडेक्स मजबूत होने पर दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इससे मांग कमजोर पड़ती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिकवाली बढ़ जाती है। मंगलवार को डॉलर करीब एक साल के ऊंचे स्तर के आसपास रहा, जिसके दबाव में स्पॉट गोल्ड 1 प्रतिशत से ज्यादा और चांदी करीब 4 प्रतिशत तक फिसली।
फेड की ब्याज दरों ने बढ़ाई बेचैनी
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका भी कीमती धातुओं पर भारी पड़ी। जब ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद बनती है तो निवेशक बिना ब्याज वाली संपत्ति जैसे सोना और चांदी से पैसा निकालकर बॉन्ड या डॉलर आधारित निवेश में लगाने लगते हैं। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव करीब 4119 डॉलर प्रति औंस तक नीचे आया, जबकि चांदी 63 डॉलर से नीचे फिसल गई।
खरीदारी करें या थोड़ा इंतजार करें
गहने खरीदने वालों के लिए गिरावट राहत भरी हो सकती है, लेकिन जल्दबाजी में पूरा पैसा लगाना ठीक नहीं माना जाता। सोना और चांदी के भाव डॉलर, ब्याज दर, वैश्विक तनाव और मांग के साथ तेजी से बदलते हैं। अगर खरीदारी जरूरी है तो एकमुश्त खरीद के बजाय चरणों में खरीदारी का विकल्प देखा जा सकता है। निवेश के लिए फैसला अपनी जरूरत, बजट और जोखिम समझकर ही करें, क्योंकि बाजार में गिरावट के बाद फिर तेजी भी लौट सकती है।