सोमवार को रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाली कीमती धातुएं मंगलवार को निवेशकों को जोरदार झटका देती नजर आईं। चांदी, जो इस साल अब तक 104% तक चढ़ चुकी है, एमसीएक्स पर आज 4,000 रुपये से ज्यादा गिर गई। वहीं सोने की कीमत भी 1,000 रुपये से ऊपर टूट गई। 5 फरवरी डिलीवरी वाला सोना पिछली सत्र में 1,30,652 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, लेकिन आज बाजार खुलते ही यह 1,30,110 रुपये पर आ गया। शुरुआती कारोबार में सोना लो स्तर 1,29,597 रुपये तक फिसल गया।
सोना 46 साल के रिकॉर्ड की तरफ
दोपहर 3 बजे के आसपास सोना 0.79% गिरकर 1,29,615 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। रिकॉर्ड उछाल के बावजूद एक दिन की इस गिरावट ने निवेशकों को सावधान किया है। सोना इस साल अब तक 11 महीनों में से 10 बार तेजी दिखा चुका है और अब यह 46 साल के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की ओर बढ़ रहा है। पिछली बार इससे अच्छा प्रदर्शन 1973, 1974 और 1979 में देखने को मिला था। लगातार वैश्विक अनिश्चितता, डॉलर इंडेक्स की कमजोरी और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी ने सोने को मजबूती दी, लेकिन आज की गिरावट बाजार में बढ़ती संवेदनशीलता का संकेत देती है।
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4 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट
चांदी सोमवार को 1,82,998 रुपये प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई तक पहुंच गई थी। लेकिन आज के शुरुआती ट्रेड में यह जोरदार दबाव में आई और 1,80,701 रुपये पर खुलने के बाद 1,77,750 रुपये तक लुढ़क गई। दोपहर तक चांदी 3,930 रुपये यानी 2.16% टूटकर 1,78,100 रुपये पर ट्रेड कर रही थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चांदी ने इसी हफ्ते पहली बार 58 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार किया था। 1979 के बाद यह इसका सबसे मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है, लेकिन घरेलू बाजार में तेजी के बाद अब मुनाफावसूली का दौर शुरू हो चुका है।
आगे बाजार का रुख कैसा रहेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार चांदी और सोने में भारी तेजी के बाद थोड़ी गिरावट स्वाभाविक है, क्योंकि निवेशक रिकॉर्ड स्तरों पर मुनाफा बुक करते हैं। बाजार की अगली चाल अब अमेरिका की ब्याज दर नीति, डॉलर की दिशा और भू-राजनीतिक तनाव जैसे वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगी। हालांकि लंबी अवधि के नजरिए से सोना और चांदी दोनों में मजबूती बरकरार रहने की उम्मीद है। लेकिन निवेशकों को सलाह है कि नए निवेश से पहले उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सतर्क रणनीति अपनाएं।