Google Voluntary Exit Program : दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में शामिल गूगल एक बार फिर अपने कर्मचारियों को लेकर चर्चा में है। कंपनी ने कुछ देशों में अपने कर्मचारियों के लिए स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प बढ़ाया है। इसके तहत योग्य कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बदले अच्छी रकम दी जाएगी। इस योजना को वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम कहा जा रहा है। खास बात यह है कि इसमें कर्मचारी अपनी मर्जी से कंपनी छोड़ने का फैसला कर सकते हैं। गूगल का यह कदम ऐसे समय आया है, जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई पर अपना खर्च तेजी से बढ़ा रही है।
नौकरी छोड़ने पर कितनी मिलेगी सैलरी
गूगल के इस ऑफर में मिलने वाली रकम कर्मचारी के काम के अनुभव और कंपनी में बिताए गए समय पर निर्भर करती है। स्विट्जरलैंड में सामने आई जानकारी के मुताबिक, कर्मचारियों को कंपनी में काम किए गए हर साल के बदले एक महीने की सैलरी दी गई। हालांकि, इसकी अधिकतम सीमा 12 महीने रखी गई है। यानी अगर किसी कर्मचारी ने गूगल में 12 साल या उससे ज्यादा काम किया है, तो उसे अधिकतम 12 महीने की सैलरी मिल सकती है। हालांकि, दूसरे देशों में मिलने वाली रकम और शर्तों की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
किन देशों के कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
गूगल ने इस योजना का विस्तार पांच देशों में किया है। इनमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। इससे पहले अमेरिका और ब्रिटेन में भी कंपनी के कुछ कर्मचारियों को इस तरह का विकल्प दिया गया था। हालांकि, यह ऑफर कंपनी के सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है। कौन कर्मचारी इसका फायदा उठा सकता है, यह उसके देश, विभाग और काम की जिम्मेदारी पर निर्भर करेगा। भारत में काम करने वाले गूगल कर्मचारियों को इस नए विस्तार में शामिल नहीं किया गया है।
इन विभागों के कर्मचारियों को नहीं मिलेगा ऑफर
गूगल की यह योजना सभी विभागों के लिए लागू नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल क्लाउड और एआई रिसर्च से जुड़ी डीपमाइंड टीम के कर्मचारियों को पहले के ऐसे ऑफर से बाहर रखा गया था। कंपनी इन विभागों को अपने भविष्य के कारोबार के लिए काफी अहम मानती है। इसके अलावा अलग-अलग देशों और विभागों में नियम भी अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी कर्मचारी को यह नहीं मानना चाहिए कि कंपनी का ऑफर उसके लिए भी लागू होगा।
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आखिर क्यों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा रही है कंपनी
गूगल का यह फैसला सिर्फ कर्मचारियों की संख्या कम करने से जुड़ा नहीं है, बल्कि कंपनी अपने खर्च और काम करने के तरीके में बदलाव भी कर रही है। कंपनी एआई तकनीक, नए कंप्यूटर सिस्टम और डेटा सेंटर पर भारी पैसा लगा रही है। ऐसे में वह अपने कर्मचारियों और संसाधनों को उन विभागों में लगाना चाहती है, जिन्हें भविष्य के लिए ज्यादा जरूरी माना जा रहा है। इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट ने भी करीब 60 हजार कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना पेश की थी। ऐसे में टेक कंपनियों में बदलते कामकाज और एआई के बढ़ते असर के बीच कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।