भारत के उड्डयन क्षेत्र में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने यात्रियों को ज्यादा विकल्प देने और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के मकसद से तीन नई एयरलाइंस को उड़ान भरने का रास्ता साफ कर दिया है। नागरिक विमानन मंत्रालय ने AI Hindi Air और FlyExpress को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी कर दिया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की शंख एयर को पहले ही यह मंजूरी मिल चुकी है। सरकार के इस कदम को घरेलू विमानन बाजार में संतुलन बनाने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है, क्योंकि फिलहाल कुछ गिनी-चुनी कंपनियों का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा था।
इंडिगो संकट की पृष्ठभूमि
यह फैसला ऐसे समय आया है जब इंडिगो समेत कई एयरलाइंस पर परिचालन का भारी दबाव है। बीते कुछ सालों में हवाई यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन नए खिलाड़ियों की एंट्री कम होने से विकल्प सीमित हो गए थे। ऊंची लागत, विमान लीज पर लेने की मुश्किलें और कर्ज जैसी समस्याओं के चलते कई नई कंपनियां बाजार में कदम ही नहीं रख पा रही थीं। हालात यह हैं कि Fly Big जैसी क्षेत्रीय एयरलाइन को भी अपनी सेवाएं बंद करनी पड़ीं, जिससे घरेलू एयरलाइंस की संख्या घटकर सिर्फ नौ रह गई।
ये भी पढ़ें : 31 December को खत्म होगा सातवां वेतन आयोग, नए साल से बदलेगी सैलरी, फिटमेंट फैक्टर करेगा बड़ा खेल
बाजार पर एकाधिकार
वर्तमान स्थिति में भारतीय घरेलू विमानन बाजार पर इंडिगो का सबसे ज्यादा नियंत्रण है। अकेले इंडिगो के पास करीब 65 फीसदी बाजार हिस्सेदारी है। अगर एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को भी जोड़ दिया जाए, तो यह आंकड़ा करीब 90 फीसदी तक पहुंच जाता है। ऐसे में टिकट के दाम, उड़ानों की उपलब्धता और सेवा की गुणवत्ता पर यात्रियों की निर्भरता सीमित कंपनियों तक सिमट जाती है। यही वजह है कि सरकार लंबे समय से नए खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की बात कर रही थी।
यात्रियों को क्या फायदा
AI Hindi Air, FlyExpress और शंख एयर की एंट्री से आने वाले समय में आसमान में मुकाबला तेज होने की उम्मीद है। नई एयरलाइंस के आने से टिकट के दामों में संतुलन, बेहतर सेवा और ज्यादा रूट्स पर उड़ानों की संभावना बढ़ेगी। खासकर छोटे शहरों और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी इससे फायदा मिल सकता है। जानकारों का मानना है कि 2026 से जब ये कंपनियां परिचालन शुरू करेंगी, तब भारतीय विमानन उद्योग को नई रफ्तार मिलेगी और यात्रियों के लिए उड़ान पहले से ज्यादा आसान और किफायती बन सकती है।