Cloud-Based Hospital Management System: देश में लाखों छोटे क्लिनिक और डॉक्टर आज भी रजिस्टर और कागज़ी रिकॉर्ड पर निर्भर हैं। इसी झंझट से मुक्ति पाने के लिए सरकार एक ऐसा क्लाउड आधारित सिस्टम लेकर आई है, जिससे ये छोटे OPD क्लिनिक आसानी से डिजिटल हो सकेंगे। इसके लिए सरकार ने नया क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसका नाम eSushrut@Clinic है।
सरकारी प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स को ध्यान में रखकर किया गया तैयार
आपको बता दें कि यह एक क्लाउड पर चलने वाला Hospital Management Information System है। जिसे खासतौर पर छोटे और निजी क्लिनिकों के साथ-साथ सरकारी प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स (PHC) की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
अब तक बाजार में मौजूद बड़े डिजिटल सॉफ्टवेयर काफी महंगे और पेचीदा थे। यही वजह थी कि छोटे शहरों और कस्बों के डॉक्टर डिजिटल रेस में पीछे छूट रहे थे और ज्यादातर अब भी हाथ से लिखे रिकॉर्ड पर ही काम चला रहे थे। काफी समय से एक ऐसे सस्ते और आसान सरकारी सॉफ्टवेयर की मांग की जा रही थी, जिसे चलाने के लिए किसी भारी-भरकम कंप्यूटर सेटअप या टेक्निकल जानकारी की जरूरत न पड़े। कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भी अपनी सरकारी हेल्थ फैसिलिटी के लिए ऐसे हल्के HMIS में दिलचस्पी दिखाई थी।
बोलकर लिख सकेंगे पर्चा
इस प्लेटफॉर्म से क्लिनिक के रोजमर्रा के काम अपने आप होने लगेंगे। इसमें 'Speech-to-Text' की सुविधा है, यानी डॉक्टर जो बोलेंगे, वह खुद-ब-खुद टाइप हो जाएगा। इसमें मरीज का रजिस्ट्रेशन बिलिंग और MIS रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं हैं। इसमें एक खास 'क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम' (CDSS) है, जो डॉक्टरों को इलाज से जुड़े फैसले लेने में मदद करेगा और मानवीय गलती की गुंजाइश को कम करेगा।
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आयुष्मान भारत से जुड़ाव
इसे किसी भी डिवाइस (मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप) पर बिना किसी खास सेटअप के चलाया जा सकेगा। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के नए फीचर्स से पूरी तरह कनेक्टेड है। जिसमें Find ABHA Scan & Share और CDSS जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री में करना होगा रजिस्टर्ड
इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सिर्फ वही डॉक्टर कर पाएंगे जो सरकारी 'हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री' (HPR) में रजिस्टर्ड हैं। इससे यह पक्का होगा कि सिर्फ असली और प्रमाणित डॉक्टर ही इस सिस्टम को चला सकें।
कितना आएगा खर्च
आपको बता दें कि यह सॉफ्टेवयर पांच यूजर्स तक 499 रुपये प्रति माह की दर पर मिलेगा। इस पर NHA के साथ समझौते के तहत इस पर 200 रुपये की छूट मिलेगी, जिसके बाद हर महीने सिर्फ 299 रुपये देने होंगे। शुरुआती तीन महीने के लिए यह सॉफ्टवेयर बिल्कुल मुफ्त रहेगा। अगर कोई क्लिनिक पांच से ज्यादा यूजर जोड़ना चाहे तो हर अतिरिक्त यूजर के लिए 50 रुपये देने होंगे।
अब तक कितने क्लिनिक जुड़े
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक देश की 800 से ज्यादा हेल्थ फैसिलिटीज इस नए सॉफ्टवेयर से जुड़ चुकी हैं। इस पर 680 से अधिक डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड भी बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा C-DAC का पूरा eSushrut सॉफ्टवेयर देश के 15 से ज्यादा AIIMS और कई राज्य सरकार के अस्पतालों में पहले से चल रहा है।