साल 2026 के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। गुरुवार को सिगरेट और तंबाकू बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में अचानक तेज बिकवाली शुरू हो गई। हालात ऐसे बने कि कुछ स्टॉक्स एक ही दिन में 19 फीसदी तक टूट गए। इस गिरावट से निवेशकों में घबराहट फैल गई और बाजार में कोहराम मच गया। सबसे ज्यादा असर सिगरेट सेक्टर पर देखने को मिला, जहां बड़े और भरोसेमंद शेयर भी दबाव में आ गए।
सरकारी नोटिफिकेशन से सिगरेट कंपनियों को बड़ा झटका
इस तेज गिरावट की वजह केंद्र सरकार का हालिया फैसला बताया जा रहा है। सरकार ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन बिल 2025 से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने का फैसला लिया गया है। यह नया टैक्स 1 फरवरी 2026 से लागू होगा और मौजूदा 40 फीसदी जीएसटी के अलावा वसूला जाएगा। यानी सिगरेट कंपनियों पर टैक्स का बोझ और बढ़ जाएगा। निवेशकों को डर है कि इससे कंपनियों का मुनाफा घट सकता है और सिगरेट और महंगी हो सकती हैं।
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गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में सबसे बड़ी टूट
गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया लिमिटेड के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। इंट्राडे कारोबार के दौरान यह शेयर 19.24 फीसदी टूटकर 2,230.15 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। टेक्निकल नजरिए से भी यह शेयर दबाव में नजर आया। यह अपने लगभग सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। इसका आरएसआई 26 के आसपास रहा, जो ओवरसोल्ड स्थिति को दिखाता है। बीते छह महीनों में यह शेयर करीब 23 फीसदी और तीन महीनों में लगभग 32 फीसदी गिर चुका है। बाजार जानकारों का मानना है कि इसमें अभी और कमजोरी देखने को मिल सकती है।
आईटीसी का मार्केट कैप घटा, निवेशकों को बड़ा नुकसान
आईटीसी लिमिटेड के शेयरों में भी जोरदार बिकवाली देखने को मिली। यह शेयर करीब 9 से 10 फीसदी तक टूटकर 362 रुपये के आसपास पहुंच गया, जो फरवरी 2023 के बाद का सबसे निचला स्तर है। गिरावट का असर कंपनी के मार्केट कैप पर भी पड़ा। आईटीसी का बाजार पूंजीकरण एक ही दिन में करीब 45 हजार करोड़ रुपये घट गया और यह 4.59 लाख करोड़ रुपये के आसपास आ गया। आईटीसी जैसे बड़े और मजबूत शेयर में इतनी तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। बाजार में फिलहाल टैक्स बढ़ोतरी के असर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।