Greater Noida Compensation : रक्षाबंधन के मौके पर ग्रेटर नोएडा के किसानों को बड़ा तोहफा मिला है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने जमीन देने वाले किसानों के मुआवजे की दर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब किसानों को जमीन के लिए पहले के मुकाबले काफी ज्यादा मुआवजा मिलेगा। नई दर लागू होने के बाद जमीन अधिग्रहण और विकास परियोजनाओं को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुआवजे में सीधे 2290 रुपये की बढ़ोतरी
ग्रेटर नोएडा में जमीन के मुआवजे की दर 4,125 रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 6,415 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दी गई है। यानी अब किसानों को हर वर्गमीटर जमीन पर 2,290 रुपये अधिक मिलेंगे। यह करीब 55.5 फीसदी की बढ़ोतरी है। प्राधिकरण के मुताबिक विकास परियोजनाओं के लिए जमीन देने वाले किसानों को नई दर के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।
तीन साल बाद बदली गई मुआवजा दर
मुआवजे की पिछली दर वर्ष 2023-24 में निर्धारित की गई थी। इसके बाद से 4,125 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर लागू थी। करीब तीन साल बाद प्राधिकरण ने इसमें बड़ा बदलाव किया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO रवि कुमार एनजी के मुताबिक नई दर से जमीन खरीद की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
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6 फीसदी आबादी भूखंड का फायदा
किसानों के लिए 6 फीसदी आबादी भूखंड का प्रावधान भी दोबारा शुरू करने को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पात्र किसानों को 5,725 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। आबादी भूखंडों के लिए अलग-अलग सेक्टर विकसित किए जाएंगे। इन भूखंडों का आकार 40 वर्गमीटर से लेकर 2,500 वर्गमीटर तक हो सकता है।
अटकी परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
कम मुआवजे के कारण पिछले कुछ वर्षों में कई किसान जमीन देने को लेकर तैयार नहीं थे। इसका असर नए सेक्टरों के विकास, औद्योगिक परियोजनाओं और सड़कों के निर्माण पर पड़ा था। नई दर लागू होने के बाद प्राधिकरण को जमीन खरीदने में आसानी होने की उम्मीद है। इससे आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक परियोजनाओं के साथ 130 मीटर चौड़ी सड़क के विस्तार जैसे कामों को भी गति मिल सकती है।
1000 हेक्टेयर का लैंडबैंक बनाने की तैयारी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कई गांवों में जमीन खरीदकर करीब 1,000 हेक्टेयर का लैंडबैंक तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। इससे इकोटेक-7, 8, 9, 12ए, 16, 19, 19ए और 21 जैसे औद्योगिक सेक्टरों के विकास में मदद मिल सकती है। किसानों को मुआवजे की राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। प्राधिकरण को उम्मीद है कि इससे विकास परियोजनाओं के साथ निवेश और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।