
केंद्र सरकार ने जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है. अभी जीएसटी की दरें चार अलग-अलग स्लैब में बंटी हुई हैं. 5%, 12%, 18% और 28%. अब सरकार इन्हें घटाकर केवल दो स्लैब, यानी 5% और 18%, करने पर विचार कर रही है. इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा क्योंकि खाने-पीने की चीजें और रोज़मर्रा की जरूरत की वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी. सरकार ने कहा है कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है. पिछले तीन साल से इस पर लगातार काम चल रहा है. इसके लिए मंत्रियों का एक समूह (जीओएम) बनाया गया था, जो समय-समय पर जीएसटी दरों की समीक्षा करता रहा है. प्रस्ताव देने से पहले इस बात का आकलन किया गया कि टैक्स दरें कम करने से सरकार की आमदनी (राजस्व) पर कितना असर पड़ेगा और आम लोगों को कितनी राहत मिलेगी.
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गरीब और मध्यम वर्ग को राहत
सरकार का कहना है कि इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा गरीब और मध्यम वर्ग को होगा. खाने- पीने की वस्तुएं, कपड़े, दवाइयां और दूसरी जरूरी चीजें अब 5% के स्लैब में आ जाएंगी. पहले इनमें से कई चीजों पर 12% टैक्स लगता था. यानी अब रोज़मर्रा की जरूरतों का खर्च कम होगा. सरकार का दावा है कि जीएसटी दरें घटने से इलाज भी सस्ता हो जाएगा. अभी कई मेडिकल उपकरणों और दवाओं पर 28% तक टैक्स लगता है. प्रस्ताव के बाद इन्हें 18% या 5% स्लैब में डाला जाएगा. इसका सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा क्योंकि अस्पताल और इलाज से जुड़ा खर्च कम होगा.
छोटे उद्योगों को फायदा
यह बदलाव केवल आम जनता के लिए ही नहीं, बल्कि छोटे और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) के लिए भी राहत भरा होगा. सरकार का कहना है कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन, रिटर्न और रिफंड की प्रक्रिया को और आसान बनाया जाएगा. छोटे व्यापारी और उद्योगपति बिना ज्यादा झंझट के कारोबार कर सकेंगे. इससे देश में कारोबार करने का माहौल बेहतर होगा और अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी. सरकार को उम्मीद है कि जीएसटी की दरें घटाने से टैक्स चोरी भी कम होगी. जब दरें ज्यादा होती हैं तो व्यापारी टैक्स से बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन दरें कम होने पर वो आसानी से जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाएंगे और समय पर रिटर्न भी भरेंगे. सरकार की योजना है कि हर व्यापारी को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, ताकि टैक्स कलेक्शन स्थिर बना रहे.
विशेष वस्तुओं पर ज्यादा टैक्स
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष वस्तुओं पर अलग से अधिक टैक्स जारी रहेगा. जैसे पान-मसाला, तंबाकू, सिगरेट आदि पर 40% तक टैक्स लगाने का प्रस्ताव है. इसका मकसद इन वस्तुओं की खपत को नियंत्रित करना और ज्यादा राजस्व जुटाना है. कुल मिलाकर जीएसटी दरों में यह बड़ा बदलाव आम लोगों को सीधी राहत देगा. रोजमर्रा की चीजें, खाने-पीने की वस्तुएं और इलाज सस्ते होंगे. छोटे उद्योगों को भी फायदा होगा और सरकार को भरोसा है कि टैक्स चोरी कम होगी. अब इस प्रस्ताव पर जीएसटी काउंसिल में चर्चा होगी और उसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा.